सर्वे खत्म सफाई बंद!
18-Feb-2020 12:00 AM 1159

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में अव्वल आने के लिए भोपाल नगर निगम बड़े-बड़े दावे कर रहा है। इसके लिए शहर में निरंतर सफाई करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सर्वे टीम के लौटने के बाद से अचानक सफाईकर्मी सड़कों से गायब हो गए हैं।

देश की सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा हासिल करने वाले भोपाल को इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में नंबर-1 बनाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। निगम के दावों के अनुसार शहर में स्वच्छता के पूरे इंतजाम किए गए हैं। लेकिन वर्तमान समय में शहर में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। जनवरी माह में जहां शहर में सुबह से लेकर शाम तक सफाईकर्मी सड़कों पर झाडू़ लगाते दिखते थे, वे अब कभी-कभार ही नजर आते हैं। शहर में जहां-तहां कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। इन दृश्यों को देखकर लोग कह रहे हैं कि केवल सर्वे के लिए सफाई व्यवस्था की गई थी।

31 जनवरी को केंद्र की 7 स्टार रेटिंग टीम का निरीक्षण खत्म होने के बाद अब निगम की लापरवाही आम है। सुबह 7 बजे से तीन घंटे तक जिन अफसरों को निगरानी करनी है, वे फरवरी में एक दिन भी घर से नहीं निकले। सफाई का जिम्मा कामगारों, दरोगाओं और सेनेटरी सुपरवाइजर्स के भरोसे छोड़ दिया गया है। कुल मिलाकर शहर की सफाई केंद्रीय टीम का निरीक्षण खत्म होते ही अपने पुराने ढर्रे पर लौट आई है। बाजार हों या रिहायशी इलाके सब जगह सफाई बंद है। न्यू मार्केट, रविशंकर मार्केट, बिट्टन मार्केट में कई दिनों से रात्रिकालीन सफाई नहीं हुई है। व्यापारियों का कहना है कि पहले रोजाना सफाई और धुलाई हो रही थी। स्वच्छता सर्वेक्षण में रात्रिकालीन सफाई के अलग अंक हैं। आवासीय क्षेत्रों में सुबह और दोपहर में झाड़ू लगाने वाले सफाई कामगार भी नहीं आ रहे हैं। आवासीय क्षेत्रों में दिन में दो बार सफाई अनिवार्य है, लेकिन ये फिलहाल ठप हो गई है।

डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन 2013 से हो रहा है, जिसे 2015 में वार्डों तक किया गया। शहर के स्लम एरिया समेत अंदरूनी 550 क्षेत्रों को छोड़ दें तो बाकी में यह काम सर्वेक्षण खत्म होने के बाद भी पहले की तरह जारी है। 10 कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाकर गाड़ी से गाड़ी में कचरा ट्रांसफर करने पक्के निर्माण हुए, लेकिन ये फिलहाल कारगर नहीं। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने 150 क्षेत्रों में स्मार्ट डस्टबिन लगवाए। इनके भरने पर अलार्म बजते ही खाली करने हुकलोडर आना था। कई जगह इनके ढक्कन ही बंद नहीं हो रहे।

यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में बायोकंपोस्ट सेंटर बनाया था। इससे दीनदयाल रसोई को रसोई गैस देनी थी। गीला कचरा लाने वालों को खाद बनाकर देनी थी, योजना लागू नहीं हो पाई। घर पर ही गीले कचरे से कंपोस्ट बनाने कंपोस्ट यूनिट बांटे गए, लेकिन ये बेकाम साबित हो रहे हैं। लोग इन्हें डस्टबिन की तरह उपयोग कर रहे हैं। पारस कॉलोनी फेस-2, विश्वकर्मा नगर हाउसिंग बोर्ड करोंद में रहने अतुल बेलवंशी ने सीवेज चैंबर चोक होने की शिकायत 5 फरवरी को नगर निगम के सीवेज प्रकोष्ठ में दर्ज कराई, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। सर्वे के दौरान शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई ठप हो गई है। जिन मोहल्लों, कॉलोनियों और बस्तियों में दिनभर कचरा गाडिय़ां गश्त करती थीं, वहां अब ये गाडिय़ां नजर नहीं आ रहीं। शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां सर्वे खत्म होने के बाद से आज तक झाड़ू नहीं लगी। नतीजा कचरे के ढेर लगते जा रहे हैं। राजधानी में स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 खत्म होते ही नगर निगम के कर्मचारियों की मनमानी सामने आने लगी है। शहर में सफाई कर्मचारी कॉलोनियों से कचरा उठाने के नाम पर अवैध वसूली पर उतारू हैं। नगर निगम में ऐसे मामलों पर पहले भी कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। दरअसल, निजी कॉलोनियों में कर्मचारी सफाई व्यवस्थाओं के नाम पर वसूली करते हैं। यदि कर्मचारियों की बात नहीं मानी जाती तो दो-दो दिन तक कचरा कलेक्शन ही नहीं किया जाता। निगम अधिकारी भी मामले को लेकर गंभीर नजर नहीं आते। ऐसे में राजधानी भोपाल स्वच्छता में नंबर-1 कैसे बन पाएगा।

कबाड़ के कारण बढ़ रही गंदगी

नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी कमाई के लिए सफाई व्यवस्था को पलीता लगा रहे हैं। इस चक्कर में सफाई कर्मियों ने शह देकर कुछ स्थानों पर कबाड़े की दुकानें लगवाई हैं, जहां रोजाना कचरा उठाकर लाने वाली गाडिय़ां आकर रुकती हैं। सफाईकर्मी कचरे को ट्रांसफर स्टेशन पर नहीं ले जाकर, कचरे से निकालकर काफी कबाड़ यहां बेचते हैं। इससे सफाई की जगह गंदगी बढ़ रही है और अनजान तत्वों का जमावड़ा भी लगा रहता है। कोलार रोड से लेकर नए भोपाल तक मेंं कई स्थानों पर कबाड़ खरीदने वाले बैठा दिए गए हैं। ये कबाड़ी वहां बैठे हैं, जहां पर कचरा कंटेनर या अंडरग्राउंड स्मार्ट बिन लगाए गए थे। सफाईकर्मी कॉलोनियों से इकट्ठा कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर देकर आदमपुर खंती भेजने की जगह इन स्थानों पर ही पटक देते हैं, इससे हालात और भी खराब हो गए हैं।

- नवीन रघुवंशी

 

 

FIRST NAME LAST NAME MOBILE with Country Code EMAIL
SUBJECT/QUESTION/MESSAGE
© 2025 - All Rights Reserved - Akshnews | Hosted by SysNano Infotech | Version Yellow Loop 24.12.01 | Structured Data Test | ^