स्मगलर कॉन्स्टेबल
01-Sep-2022 12:00 AM 5381

 

15साल की उम्र में एक लड़का कॉन्स्टेबल बना। उसने कमाई का ऐसा शॉर्टकट निकाला कि 13 साल की नौकरी में 50 करोड़ से ज्यादा की उगाही कर डाली। अब एक महीने से जेल में है। नौकरी से भी निकाल दिया गया है। ये कहानी है नीमच के डोडा चूरा तस्कर और बर्खास्त कॉन्स्टेबल पंकज कुमावत की। देवास एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह ने उसे बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। पंकज ने कुख्यात डोडा चूरा तस्कर जयकुमार सिंधी उर्फ बाबू सिंधी के साथ अघोषित पार्टनर बनकर बेशकीमती संपत्ति बनाई है। पुलिस पड़ताल में उसके पास फार्म हाउस, वेयर हाउस, मकान और गाड़ियां होने का पता चला है, जिसकी कीमत 50 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है।

बात वर्ष 2009 की है। दयाराम कुमावत नीमच में पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल थे। ईमानदार और ड्यूटी के प्रति सजग और संवदेनशील। 2009 में ही रोड एक्सीडेंट में उनकी मौत हो गई। बेटे पंकज को अनुकंपा नौकरी मिल गई। महज 15 साल में उसे बाल आरक्षक के तौर पर पुलिस महकमे का हिस्सा बना लिया गया। पंकज ने ज्यादा पढ़ाई नहीं की। जैसे-तैसे 12वीं तक ही पढ़ सका। उसके करीबी बताते हैं कि पंकज का मन पढ़ाई से ज्यादा कमाई के शॉर्टकट तरीकों पर लगा रहता था। उसकी वर्दी पर 'देशभक्ति जनसेवाÓ लिखा था, लेकिन वो काली कमाई से रातों-रात करोड़पति बनने का ख्वाब देख रहा था।

पंकज की उम्र बढ़ी तो बाल आरक्षक से कॉन्स्टेबल बन गया। इसी बीच, वह नीमच में जयकुमार उर्फ बाबू सिंधी के संपर्क में आया। बाबू अफीम से निकलने वाले डोडा चूरा का बड़ा तस्कर है। कुछ महीने पहले ही जब बाबू के ठिकानों पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स की टीम ने दबिश दी तो पता चला बाबू की संपत्ति 200 करोड़ से भी ज्यादा की है।

बाबू के माल की आवाजाही और पुलिस केस को रफा-दफा कराने या उसके गुर्गों के खिलाफ कमजोर केस बनाकर उनकी रिहाई जैसे सरकारी काम पंकज ही संभालता था। जांच के बाद पंकज को भी बाबू का अघोषित पार्टनर माना गया। इसके एवज में पंकज को जो रकम मिली, उससे वो भी करोड़पति हो गया। पंकज कुमावत ने एक बार तस्कर बाबू सिंधी के जन्मदिन पर नोटों की गड्डियां लुटाकर आका का स्वागत किया था। तस्कर के ऊपर इस तरह पुलिस वाले का दौलत लुटाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तभी से बाबू और पंकज के बारे में बातें सामने आईं। जांच में पाया गया कि पंकज का रसूख भी कम नहीं था। उसके पास 8 गाड़ियां हैं। एक वेयर हाउस भी है।

पंकज कुमावत व बाबू सिंधी की अवैध करोड़ों रुपए की संपत्ति पर सफेमा की कार्रवाई को लेकर नोटिस जारी किए जाने की भी सूचना सामने आ रही है। देवास पुलिस अधीक्षक शिवदयाल सिंह ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया कि पंकज कुमावत बाल आरक्षक से नव आरक्षक के पद पर संविलियन हुआ। आरक्षक 29 अगस्त 2021 से गैरहाजिर होने पर निलंबित चल रहा है। उस पर प्रमाणित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पंकज कुमावत को सेवा से प्रथक किया जाता है। पत्र में एसपी ने बताया कि पंकज कुमावत को सेवाकाल में अब तक 44 ईनाम, अनुपस्थित रहने पर चार बार निंदा, 1 बार अनुशासनहीनता करने पर निंदा की कार्रवाई की है। 4 बार पीटीएस तिगरा में गैरहाजिर रहने पर एलआर 24 के तहत निराकरण किया गया है। उन्होंने लिखा है कि पंकज कुमावत, पुलिस लाइन देवास को प्रत्येक स्तर पर समुचित अवसर देने के उपरांत भी जांच की प्रक्रिया में सम्मिलित नहीं हुआ।

गौरतलब है कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो टीम ने अगस्त माह में औद्योगिक क्षेत्र स्थित हितांशी ट्रेडिंग कंपनी पर दबिश देकर वहां जांच के दौरान गेंहू की बोरी में डोडाचूरा मिक्स कर बाहर भेजना पाया गया है। आईआरएस अधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में बाबू सिंधी उर्फ जय सबनानी के गोदाम पर जांच शुरू हुई। करीब 400 गेंहू की बोरी गिनी जा चुकी थी, जिसमें डोडाचूरा पीसकर मिलाया गया हुआ था। इस कार्यवाही में मप्र और राजस्थान के एक दर्जन अधिकारी शामिल थे। वहीं बाबू सिंधी से जुड़े कई पोस्तादाना व्यापारी में हडकंप मच चुका है, कब किससे पूछताछ हो जाए। गोदाम में कई दस्तावेज टीम के हाथ लगे हैं, जिनमें अफीम, डोडाचूरा, धोलापाली ओर कालेदाने की तस्करी से जुड़े हुए है। पोस्ते की छनाई के बाद निकले धोलापाली और कालेदाने को कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी खरीदता था, बड़े पैमाने पर इसकी तस्करी बाबू सिंधी कर रहा था। स्थानीय स्तर पर कुछेक पुलिसकर्मियों से सांठगांठ होने के कारण उस पर स्थानीय पुलिस की कार्यवाही अब तक नहीं हो पा रही थी, नीमच में वह बड़े पैमाने पर तस्करी का गिरोह संचालित कर रहा था। तस्करी से अर्जित करोड़ों रुपए से बाबू सिंधी ने नीमच व आसपास जमीनें खरीदी हैं। वह प्रापर्टी में ब्लैकमनी खपा रहा था।

तबादले के बाद भी रहा बाबू के संपर्क में

19 नवंबर 2020 को कॉन्स्टेबल पंकज का देवास ट्रांसफर कर दिया गया। यहां उसे थाने पर पदस्थ नहीं करते हुए लाइन में ही रखा गया। इसके बावजूद वह बाबू के कॉन्टैक्ट में रहा। ट्रांसफर से पहले पंकज ने बाबू के साथ मिलकर चंगेरा में जमीन खरीदी तो बाबू ने बरखेड़ा स्थित फार्म हाउस पंकज के नाम कर दिया। यहां डोडा चूरा पीसने की आधुनिक मशीनें लगाई गई थीं। इसी तरह नयागांव बॉर्डर पर राजस्थान सीमा में फैक्टरी डाली थी। वहां भी डोडा चूरा पीसकर गाड़ियों में भर तस्करी की जाती थी। देवास एसपी शिवदयाल सिंह ने आदेश जारी कर कहा है कि पंकज कुमावत को अवैध कार्यों में संलिप्त पाए जाने, ड्यूटी से गैर हाजिर रहने के कारण और पिछला ट्रैक रिकॉर्ड देखते हुए बर्खास्त कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पंकज एक महीने से डोडा चूरा की अवैध तस्करी के मामले में जावद जेल में बंद है। बाबू सिंधी भी जेल में है। अब उसकी प्रॉपर्टी जब्त करने की तैयारी है।

- बृजेश साहू

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