शोक में डूबा बॉलीवुड
04-May-2020 12:00 AM 3326

'बॉबी’ से 'द बॉडी’ तक का सफर

ऋषि कपूर नहीं रहे। वे 67 साल के थे। ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। 30 अप्रैल 2020 को मुंबई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया। अपने 50 साल के फिल्म करियर में ऋषि ने तकरीबन 121 फिल्मों में काम किया। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट राज कपूर की फिल्म मेरा नाम जोकर (1970) से डेब्यू किया था। फिल्म में अपने किरदार के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था। बतौर एक्टर उनकी फिल्म बॉबी (1973) थी जिसमें वह डिंपल कपाड़िया के साथ नजर आए थे। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर अवॉर्ड (1974) में मिला था। ऋषि कपूर की छवि एक रोमांटिक हीरो की थी। उन्हें दर्शकों ने रोमांटिक अंदाज में काफी पसंद भी किया। यही वजह है कि 1973 से 2000 के बीच ऋषि ने 92 रोमांटिक फिल्मों में काम किया जिनमें से 36 फिल्में सुपरहिट साबित हुईं। इनमें कर्ज, दीवाना, चांदनी, सागर, अमर अकबर एंथनी, हम किसीसे कम नहीं, प्रेम रोग, हीना जैसी फिल्में शामिल हैं।

'द बॉडी’ साबित हुई अंतिम फिल्म

इमरान हाशमी और शोभिता धुलिपाला स्टारर द बॉडी ऋषि कपूर की अंतिम फिल्म साबित हुई। यह फिल्म पिछले साल दिसंबर में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में ऋषि ने एसपी जयराज रावल की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा 2019 में उनकी एक और फिल्म झूठा कहीं का भी रिलीज हुई थी। इसमें उन्होंने कुमार पांडे नाम के शख्स की भूमिका निभाई थी।

ऋषि कपूर को मिले अवॉर्ड

-               1970 - नेशनल फिल्म अवॉर्ड (चाइल्ड)

-               1974 - फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

-               2008 - फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

-               2009 - रूसी सरकार से विशेष सम्मान

-               2011 - फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर क्रिटिक अवॉर्ड

-               2016 - स्क्रीन लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

-               2017 - फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर अवॉर्ड

 

...मैं आपके साथ हूं भी और नहीं भी

हैलो! भाईयों-बहनों, नमस्कार, मैं इरफान... मैं आज आपके साथ हूं भी और नहीं भी... ये आखिरी शब्द थे इरफान की आवाज में। जिसे उन्होंने अपनी फिल्म अंग्रेजी मीडियम के प्रमोशन के लिए रिकॉर्ड किया था। लेकिन उन्होंने अपने संदेश में कहा था- मेरा इंतजार करना। इस इंतजार का अंत इस तरह होगा, ये शायद किसी ने नहीं सोचा था। 29 अप्रैल 2020 को इरफान खान का निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर और आंतों के इन्फेक्शन से जूझ रहे थे। हाल ही में उनकी मां का भी निधन हुआ था। लेकिन वे वहां जा नहीं पाए थे।

राजस्थान के रहने वाले इरफान एनएसडी के स्टूडेंट थे

इरफान के परिवार में पत्नी सुतापा देवेंद्र सिकदर और दो बेटे बाबिल और अयान हैं। इरफान खान टोंक के नवाबी खानदान से ताल्लुक रखते हैं। उनका बचपन भी टोंक में ही गुजरा। उनके माता-पिता टोंक के ही रहने वाले थे। 7 जनवरी 1967 को जन्मे इरफान का पूरा नाम साहबजादे इरफान अली खान था। वे एक्टिंग में बाय चांस आ गए। वे क्रिकेटर बनना चाहते थे। लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वे फैमिली बिजनेस संभालें। हालांकि, इरफान को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में जाने का मौका मिल गया और यहीं से उनका एक्टिंग करियर शुरू हुआ। छोटे पर्दे पर उनकी शुरुआत 'श्रीकांत’ और 'भारत एक खोज’ से हुई।

मकबूल, लंच बॉक्स, पीकू, पान सिंह तोमर ने उन्हें अलग पहचान दिलाई

1988 में आई मीरा नायर की फिल्म 'सलाम बॉम्बे’ से इरफान ने शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने मकबूल, लाइफ इन अ मेट्रो, द लंच बॉक्स, पीकू, तलवार और हिंदी मीडियम जैसी फिल्मों में काम किया। उन्हें हासिल (निगेटिव रोल), लाइफ इन अ मेट्रो (बेस्ट एक्टर), पान सिंह तोमर (बेस्ट एक्टर क्रिटिक) और हिंदी मीडियम (बेस्ट एक्टर) के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

 

 

 

 

FIRST NAME LAST NAME MOBILE with Country Code EMAIL
SUBJECT/QUESTION/MESSAGE
© 2025 - All Rights Reserved - Akshnews | Hosted by SysNano Infotech | Version Yellow Loop 24.12.01 | Structured Data Test | ^