भारत की संसद में नरेंद्र मोदी को वीजा लेकर आने की सलाह दी गई। उन्हें एनआरआई भी कहा गया। यह सत्य है कि इससे पहले कोई भी प्रधानमंत्री अपने सीमित कार्यकाल में इतनी विदेश यात्राओं पर नहीं गया। मोदी की विदेश यात्राओं को देखकर लगता है कि वे दुनिया के हर कोने में भारत का पैगाम पहुंचाना चाहते हैं। और इजराइल की तरह विदेश नीति को अहम भूमिका प्रदान कर रहे है। लेकिन मोदी के इन लगातार दौरों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सुर्खियों से गायब कर दिया है। इससे तो बेहतर था कि मोदी यह मंत्रालय अपने पास ही रख लेते।