बाजार का विकल्प
20-Nov-2014 02:12 PM 1234877


ऑनलाइन शॉपिंग घर बैठे बाजार का विकल्प उपलब्ध करा रही है। यह बाजार की अवधारणा को आने वाले समय में खासा नुकसान पहुंचाएगी। इस बदलते चलन ने उन लाखों दुकानदारों के लिए भी अस्तित्व का संकट पैदा कर दिया है जो अपनी रोजी-रोटी छोटी-छोटी दुकानों के जरिए चला रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि मॉल्स, ऑनलाइन शॉपिंग और सुपर मार्केट मिलकर स्वरोजगार करने वाले तमाम लोगों को बेरोजगारी पर विवश कर दें। यदि ऐसा हुआ तो भारत में एक नई समस्या पैदा हो जाएगी।
द्य रमेश वैश्य, गाजियाबाद

सिर्फ योजनाएं ही न बनें
जब से केंद्र में मोदी सरकार सत्तासीन हुई है, तब से लगातार योजनाओं की घोषणा की जा रही है। पिछली सरकार ने भी कई योजनाएं घोषित की थीं, जिनमें से बहुत सी ठंडे बस्ते में हैं। कोई भी योजना अंजाम तक पहुंचने से पहले ध्वस्त क्यों हो जाती है? आजादी से लेकर अब तक जो भी योजनाएं अमल में लाई गईं उनमें से कितनी चलीं, यह बड़ा सवाल है?
द्यउदयन माहेश्वरी, जबलपुर

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