ऑनलाइन शॉपिंग ने बदला बाजार का गणित
09-Nov-2014 11:18 AM 1237705

अब शॉपिंग के लिए भीड़-भाड़ भरे बाजारों में पैट्रोल खर्च करके जाने और डिस्काउन्ट के लिए दुकानदार से मिन्नतें करने की आवश्यकता नहीं है। घर में बैठिए चाय की चुस्कियों का आनंद लीजिए और अपने कम्प्यूटर स्क्रीन पर चीजें देखकर खरीदते जाइए। आकार, प्रकार, कीमत सब कुछ आपकी स्क्रीन पर उपलब्ध है बस दुकानदार नहीं है। जिसे अक्सर कई लोगों को समझाना पड़ता है। थोड़ी सी भाषा की भी बाधा है लेकिन बाकी सब बाजार जैसा ही है और प्रोडक्ट की तो असीमित रेंज है। लेकिन ठगी की भी गुंजाइश है, खैर ठगी तो हर धंधे का कड़वा सच है। बाजार में दुकानदार भी ठगते हैं, आखिर वे भी लाभ कमाने के लिए बैठे हैं। लेकिन ऑनलाइन कंपनीयों में जिन कंपनियों ने अपनी विश्वसनीयता बना ली है, वहां अब ग्राहकों की शिकायतें कम से कम आ रही हैं। माल मिलने में देरी की शिकायत भी बहुत कम रह गई है। कुरियर कंपनियों के लिए यह स्वर्णिम दौर है। जिन कंपनियों की रेपुटेशन अच्छी है उनमें पिछले दिनों कर्मचारियों की संख्या मेें 40 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है, क्योंकि ऑनलाइन प्रोडक्ट की डिलेवरी के लिए बड़ी संख्या में लोगों की आवश्यकता है।
लेकिन इसने भारत के बड़े शहरों के उन 5 लाख से अधिक रिटेलरों के लिए खतरा उत्पन्न कर दिया है, जो अपनी छोटी-छोटी दुकानों पर निर्भर हैं। बताया जाता है कि मेट्रो शहरों में त्यौहारों के समय दुकानों पर जाने वाले ग्राहकों की संख्या में 10 से लेकर 30 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है। फोन जैसे कुछ उत्पाद तो ज्यादातर वेबसाइटों के द्वारा ही खरीदे जा रहे हैं। इन वेबसाइटों के पास वे सब आफर्स हैं, जो दुकानदार उन्हें दे सकते हैं। मासिक किस्तें, डिस्काउन्ट, बदलने की सुविधा, सुरक्षित घर डिलेवरी की सुविधा, फ्री असेम्बलिंग और बिक्री के बाद रिपेयरिंग इत्यादि की सुविधा। ऑनलाइन शॉपिंग से डरने वाले अक्सर आफ्टर सेल सर्विस की शिकायत करते हैं, वे फिजिकल वेरीफिकेशन का भी हवाला देते हैं, लेकिन ऑनलाइन सेवाओं ने इन सारी बाधाओं को दूर करने की कोशिश की है। खास बात यह है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। अब बड़े-बड़े मॉल्स और रिटेलर्स इन ऑनलाइन विक्रेताओं से प्रतिस्पर्धा करने के रास्ते तलाश रहे हैं, इससे बाजार में ग्राहकों को निश्चित रूप से और भी सस्ते दाम मिलने वाले हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिक्स देशों में इंटरनेट पर खरीददारों की बढ़ती संख्या के मामले में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यही नहीं, हाल के दिनों में इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन खरीदारी करने वालों की संख्या में 70 लाख की बढ़ोतरी के साथ भारत में 15 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। ये आंकड़े देश में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन खरीदारी बाजार के हैं जिसने रिटेल मार्केट के कारोबार को बदल दिया है। भारत में ऑनलाइन खरीदारी करने वालों की लगातार बढ़ रही संख्या में सबसे ज्यादा हिस्सा युवा वर्ग का है। बदलते समय ने खरीदारी करने के अंदाज को भी बदल दिया है जिससे खुली अर्थव्यवस्था में नए आयामों को जगह मिली है। युवाओं ने मोबाइल फोन, आईपैड, डिजीटल कैमरा, ज्वेलरी और फैशनेबल चीजों की ऑनलाइन खरीदारी में काफी रुचि दिखाई है। जबोंग और अमेजॉन जैसी ऑनलाइन साइट से खरीदारी कर चुके लोग कहते हैं कि शुरुआत में उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग करने में हिचक होती थी, लेकिन अब अच्छी सर्विस और क्वालिटी के कारण उन्हें यह आसान लगने लगा है। इस नए ट्रेंड ने युवाओं के साथ सबसे ज्यादा महिलाओं के एक बड़े वर्ग को जोड़ दिया है। देश में ऑनलाइन खुदरा बाजार से जुड़े 75 प्रतिशत लोग 15 से 34 आयु वर्ग के हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं का है। इन आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक स्तर पर युवा नेटिजंस की सर्वाधिक संख्या वाले देशों में भारत एक है। अनुमान है कि इस तरह की बढ़ोतरी से इनकी संख्या में आने वाले वर्षों में और अधिक इजाफा होगा। दरअसल, ये ऑनलाइन कंपनियां सीधे उत्पादक से माल खरीदती हैं। इससे इसकी कीमत में कमी आती है।
बाजार में मिलने वाले उत्पाद कंपनी के बाद सप्लायर, रिटेलर से होते हुए आप तक पहुंचते हैं जो इसकी कीमत में इजाफा करते हैं। इसे उसी तरह से देखा जा सकता है जैसा कि कंपनी आउटलेट या डायरेक्ट सेल के जरिए माल बेचा जाता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में 2023 तक ऑनलाइन खरीदारी बढ़कर 56 अरब डॉलर हो जाएगी जिसे एक बड़े रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है।

ये हैं बढिय़ा साइट

मंत्रा डॉट कॉम- ऑनलाइन शॉपिंग रिटेलर शॉपिंग के मामले में आंकड़ों के अनुसार मंत्रा डॉट कॉम सबसे विश्वसनीय शॉपिंग साइट है। जून 2013 के ताजा आंकड़ों के अनुसार 17.1 प्रतिशत लोग मंत्रा पर भरोसा करते हैं। इस साइट के जरिए आप फैशनेबल और कैजुअल लाइफस्टाइल प्रोडक्ट खरीद सकते हैं।
फ्लिपकार्ट डॉट कॉम- यूनिक विजिटर्स के आंकड़ों के अनुसार फ्लिप कार्ट डॉट कॉम दूसरी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ऑनलाइन शॉपिंग साइट है। पहले ये साइट किताबों को ऑनलाइन बुक करती थी। अब ये इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ कई अन्य उत्पादों की भी ऑनलाइन बिक्री करती है।
जबांग डॉट कॉम- यूनिक विजिटर्स के आंकड़ों के अनुसार जबांग डॉट कॉम तीसरी सबसे पसंदीदा ऑनलाइन शॉपिंग साइट है। आंकड़े के अनुसार 16.1 प्रतिशत लोग इस साइट का इस्तेमाल करते हैं।  जबांग फैशन और लाइफस्टाइल के सामनों की बिक्री करने वाली ऑनलाइन शॉपिंग साइट है।
एमेजन डॉट कॉम- आंकड़ों के अनुसार देश के 15 प्रतिशत से ज्यादा ऑनलाइन ग्राहक इस साइट का इस्तेमाल करते हैं। मूल रूप से ये अमेरिका की साइट है। शुरुआत में यह साइट ऑनलाइन ग्राहकों को किताबें, मूवी और टीवी शो मुहैया कराती थी। अब फिलहाल मोबाइल से लेकर ईबुक्स और किडल ऐसेसरीज भी ऑनलाइन उपलब्ध कराती है।
स्नैप डील डॉट कॉम- आंकड़ों को देखे तो 10 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन ग्राहक इस साइट का शॉपिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस साइट के जरिए मोबाइल, लैपटॉप, कैमरा, टैबलेट और कई दूसरे उत्पाद भी खरीद सकते हैं।

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