बेदर्द बयानवाजी
21-Jun-2014 04:34 AM 1237719


उत्तरप्रदेश में बदायुं सहित तमाम जिलों में कुछ भीवत्स बलात्कार की घटनाऐं घटीं। यूं तो सारे देश में बलात्कार हो रहे थे लेकिन उत्तप्रदेश चर्चा में इसलिये आया क्योंकि वहाँ बलात्कार करने वाले दबंग हैं और दलितों पर अत्याचार करना वे अपना परम कर्तव्य समझते हैं। इसीकारण उत्तरप्रदेश में जो कुछ हुआ वह सरकारी उदासीनता के कारण गंभीर होता चला गया। बलात्कारियों को बचाने की चेष्टा की गई और स्थिति विस्फोटक होती चली गई। जब-जब समाजवादी पार्टी सत्तासीन होती है उत्तरप्रदेश में अपराध और दलितों पर अत्याचार बेतहाशा बढ़ जाता है। जातिवाद, सवर्णवाद इस प्रदेश के मानस में इतनी गहराई तक पैठ बना चुका है कि दलितों पर अत्याचार करना और उनकी बहन बेटियों को रौंदना दबंग अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं। यही मानसिकता सत्ताधीशों की भी है। लोकसभा चुनाव के समय मुलायम सिंह यादव ने बलात्कार को लड़कों की भूल बताया था। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाबुलाल गौर भी बयान दे चुके हैं कि बलात्कारी घर से बताकर नहीं जाते कि वे बलात्कार करने जा रहे हैं। मुलायम सिंह यादव एक स्त्री के जीवन पर सबसे बड़े आघात को महज भूल मानते हैं तो बाबुलाल गौर पुलिस और प्रशासन की अक्षमता को दूसरे शब्दों में बयान कर रहे हैं। बयानवीर और भी हैं । सारे देश में जो मनोवृत्ति बनी हुई है उसी के चलते इतना भय और इतनी असुरक्षा व्याप्त हो गई है। एक  दो राज्यों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश राज्यों में बलात्कार की भीवत्स घटनाएं सुनाई पड़ती हैं और बलात्कारी बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं।  कुछ समय पहले एक रिपोर्ट आई थी जिसमें बताया गया था कि बलात्कार जैसे गंभीर मामलों की एफआईआर दर्ज करने में पुलिस कई अडंगे डालती है। उत्तरप्रदेश में जब पिछली बार मुलायम ङ्क्षसह की सरकार थी उस वक्त बलात्कार जैसे मामलों में एफआईआर महज इसीलिये नहीं की जाती थी क्योंकि यूपी की पुलिस क्राईम के आंकड़े नियंत्रित रखना चाहती थी। क्या आंकड़े कम होने से जनता भयमुक्त हो जायेगी। यह तो शुतुरमुर्ग की तरह आचरण हुआ। जनता भयमुक्त तभी होगी जब सत्ता का आचरण सुधरेगा। जब सत्ता के मन में संवेदना नहीं होगी तो जनता त्राहि-त्राहि करेगी ही। उत्तरप्रदेश में यही हाहाकार मचा हुआ है।  बलात्कार की घटनाएं तो हर राज्य में घटती हैं लेकिन उत्तरप्रदेश में बलात्कारियों को राजाश्रय मिला हुआ है। इसी कारण उनके हौंसले बुलंद हैं। हालांकि यह भी सच है कि किसी राज्य विशेष को मीडिया द्वारा टारगेट नहीं बनाना चाहिए, लेकिन उत्तरप्रदेश में मीडिया जो कुछ दिखा रहा है वह गलत भी नहीं है। जो कुछ मीडिया ने सामने रखा है वह सच है और सच्चाई हमेशा कड़वी ही होती है। इसीलिए अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव मीडिया पर अपना क्रोध प्रकट कर रहे हैं लेकिन उन्हें अपनी गिरेवान में झांककर देखना चाहिए आखिर क्यों उनके सत्तासीन होते ही अपराध बढ़ जाते हैं।
-राजेन्द्र आगाल

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