02-Dec-2015 08:22 AM
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मध्य प्रदेश सतना जिले के मुकुन्दपुर चिडिय़ाघर में अब सफेद बाघ पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र होगा। करीब चार दशक बाद सफेद बाघ की अपने मूल गृह में वापसी होने जा रही है। दरसअल, मुकुंदपुर में विशेषतौर पर सफेद बाघ के लिए
एक जनवरी से टाइगर सफारी की शुरूआत की जाएगी। जिसकी शुरूआत के लिए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है। सीएम शिवराज ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर उनसे माह जनवरी 2016 के अंतिम सप्ताह अथवा फरवरी में चिडिय़ाघर-सह-उपचार केन्द्र के लोकार्पण का अनुरोध किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने के लिए प्रदेश के जनसंपर्क एवं ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल लगे हुए हैं। वे लगातार इस प्रोजेक्ट की मानीटरिंग कर रहे हैं। सफेद बाघ की वापसी प्रदेश के विंध्य इलाके के लिए भावनात्मक विषय है। इसकी वजह है कि वर्ष 1951 में विंध्य क्षेत्र में रीवा के महाराज मार्तण्ड सिंह ने एक सफेद बाघ शावक पकड़ा गया था, जिसका नाम मोहन रखा गया। इसी सफेद बाघ से बंदी अवस्था में प्रजनन शुरू हुआ। आज विश्व में जितने भी सफेद बाघ जीवित हैं, वे सभी सफेद बाघ मोहन और बाघिन राधा की संतानें हैं। अब एक बार फिर से विन्ध्य में सफेद बाघों की घर वापसी की जा रही है। व्हाइट टागर रिजर्व में देशभर के चिडिय़ाघरों से जानवरों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसमें भोपाल वन विहार से पहली सफेद बाघिन पट्टू को लाया गया है। दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक देश के अल्य चिडिय़ाघरों से 26 जानवर यहां पहंच जाएंगे। जिसके बाद जनवरी माह से पर्यटकों के लिए मुकुंदपुर व्हाइट टागर रिजर्व खोल दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुकुन्दपुर चिडिय़ाघर सह-उपचार केन्द्र से संबंधित अधिकांश आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। इस केन्द्र के शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। यह केन्द्र वन्य-प्राणियों के लिए एक वन्य-प्राणी संरक्षण चेतना केन्द्र के रूप में भी विकसित हो सकेगा। राजेन्द्र शुक्ल कहते हैं कि मध्य प्रदेश में देश की पहली व्हाइट टाइगर सफारीÓ स्थापित होने जा रही है जहां न केवल सफेद बाघ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होंगे बल्कि उन्हें सफेद बाघों के इतिहास की भी पूरी जानकारी मिलेगी। इस सफारी में पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों को विश्व के पहले सफेद बाघ मोहन के वशंजों को देखने का मौका मिलेगा। शुक्ल ने इसके विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारीÓ होने का दावा करते हुए कहा कि इसका निर्माण अब पूरा होने वाला है। इस सफारी का नाम मुकुंदपुर जू और मोहन टाइगर सफारीÓ रखा जाएगा। यहां स्थित व्हाइट टाइगर प्रजनन केंद्र का नाम महाराजा मार्तंड सिंह के नाम पर रखा जाएगा और सफेद बाघों के लिए एक उपचार केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।शुक्ल ने मुकंदपुर टाइगर सफारी का दौरा करने के दौरान बताया कि यहां पर्यटकों को सफेद शेर के इतिहास की संपूर्ण जानकारी भी मिलेगी और विंध्य क्षेत्र में एक बार पुन: सफेद बाघों को अपने मूल पर्यावास में वापस लाकर पुरानी वैश्विक पहचान स्थापित करवाई जायेगी। शुक्ला ने बताया कि लगभग 40 वर्ष बाद मुकुंदपुर वन्य जीव पर्यटन केन्द्र के तौर पर विकसित हो रहा है जहां जियोलोजिकल पार्क, रेस्क्यू सेंटर, व्हाइट टाइगर सफारी और प्रजनन केंद्र आदि हैं। पूर्व में यह क्षेत्र सफेद बाघों के संरक्षण और प्रजनन केन्द्र के तौर पर जाना जाता रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र फिर से अपने खोए गौरव को प्राप्त करेगा तथा विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि इससे न केवल बड़ी संख्या में पर्यटक टाइगर सफारी देखने के लिए क्षेत्र में आएंगे बल्कि रीवा का नाम भी विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
प्रदेश को फिर मिलेगा टाइगर स्टेट का दर्जा
प्रदेश के वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार कहते हैं कि प्रदेश से टाइगर स्टेट का दर्जा छिनने का कारण टाइगरों की सही गणना नहीं होना है। प्रदेश में टाइगरों की संख्या बढ़ी है, जिससे प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा फिर मिल जाएगा। लेकिन प्रदेश में इस वर्ष वन्यप्राणियों की गणना के दौरान ध्यान रखा जाएगा कि कहीं कोई गलती नहीं हो। वनमंत्री डॉ. शेजवार ने कहा कि प्रदेश के वन्यक्षेत्रों में वन्यप्राणियों के शिकार की घटनाएं नहीं के बराबर हैं। वन्यक्षेत्रों में पारधी गिरोह की सक्रियता नहीं है, तो वन अमला जंगलों में बराबर पहरा दे रहा है।
जानिए, मुकुंदपुर सफारी के बारे में
सतना जिले के मुकंदपुर में व्हाइट टागर सफरी और जू एंड रेस्क्यू सेंटर की शुरूआत 2016 के जनवरी माह में होने जा रही है। 643 हेक्टेयर जमीन पर फैली यह सफारी करीब 55 करोड़ की लागत से बनी है। इसमें 100 हेक्टेयर में जू एंड रेस्क्यू सेंटर व व्हाइट टाइगर सफारी तैयार की गई है।
-ज्योत्सना अनूप यादव