आजमाएँ कुदरत के नायाब नुस्खे
18-Mar-2015 01:34 PM 1237741

क्सर हम सेहत संबंधी छोटी-छोटी परेशानी में भी डॉक्टर के पास चले जाते हैं। मगर आप प्रकृति के करीब हैं तो उसके पास हर मर्ज की दवा है। ये दवाएं हर्ब्स के रूप में उपलब्ध

हैं। हर्ब्स स्वास्थ्य संबंधी छोटी दिक्कत को बिना किसी साइड-इफेक्ट के दूर करता हैं। हालांकि किसी भी इलाज के लिए जरूरी हैं कि मर्ज की वजह को ही दूर रखा जाए। ऐसे में कुछ हर्बल वाकई कमाल के हैं, जो सामान्य रोग को दूर करते हैं।
ऑयली और एक्ने युक्त त्वचा सामान्य समस्या है। मगर एलोवेरा जूस लगाने से त्वचा में आराम मिलता हैं और ठंडक का अहसास होता हैं। टी-ट्री ऑयल बेहतरीन एंटी बैक्टेरियल क्लींजर हैं। घर में बनाए गए पारम्परिक उबटन में टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर त्वचा पर लगाएं। यह प्राकृतिक रूप से त्वचा का उपचार करता है।
त्वचा के जलने पर हम बेहद जलन महसूस करते हैं और ज्यादातर पानी या बर्फ का इस्तेमाल करते हैं। एलोवेरा जेली ऐसे में बेहद फायदेमंद हैं। यहां तक कि एलोपैथी में भी एलोवेरा युक्त दवाइयां और क्रीम दी जाती हैं। बंद नाक, बुखार जैसा महसूस होना, एलर्जी और हल्की खांसी में इकीनिसिया बेहद फायदेमंद हैं। यह कोल्ड व फ्लू के लक्षण, टॉसिल, इंफेक्शन और एलर्जी के कारण सिरदर्द से राहत दिलाने में मदद करता हैं। यह हर्ब गले में सूजन को कम करता हैं। इम्यून सिस्टम को भी सही रखता हैं।
माउथ अल्सर में एलोवेरा जेल बेहद कारगार है। सोने से पहले इसे सीधे अल्सर पर लगाएं आराम मिलेगा। कम मात्रा में लिकोरीस भी प्राकृतिक बाम हैं जो काफी असरदार है।
सांस की बदबू, साइनस और मसूढ़ों में संक्रमण, बिना पानी के उपवास, अपच और बुखार के कारण होता है। पुदीने के पत्ते से बना माउथवाश इससे छुटकारा देता है। खाने के बाद इलायची और दालचीनी चबाने से भी इसमें फायदा मिलता है। चीनीयुक्त पेय पदार्थों से दूर रहे। लौंग का तेल और चुटकी भर नमक मिलाकर दांतों पर लगाने से दांतों की सुरक्षा होती हैं। सांस की बदबू रोकने के लिए नियमित ब्रश और कुल्ला करें।
ग्रीन टी में एंटीएजिंग गुण होते हैं। साथ ही यह बाउल्स (सूजन युक्त घाव), ब्लड शुगर, ब्रेस्ट कैंसर, लिवर कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर, त्वचा कैंसर, कार्डियो डिजिज और त्वचा संबंधी परेशानी दूर करता है। डैंड्रफ की परेशानी से हम हमेशा परेशान रहते हैं इसमे पुदीना व रोजमेरी हर्बस बेहद फायदेमंद हैं।
एलोवेरा को डिटॉक्सिलॉयर भी माना जाता है। यह अपच और गैस जैसी समस्या से भी छुटकारा दिलाता हैं। तुलसी के पत्ते का सेवन सरदर्द में आराम पहुंचाता हैं। एचआईवी जैसे रोग में भी एलोवेरा और ग्रीन टी फायदेमंद है।
सुपर फूड जैसा है अंकुरित भोजन
स्प्राउट्स ऐसी चीज है, जिसके खाने से कभी परेशानी नहीं होती। यह प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व व प्रोटीन से भरा है। नट्स, अनाज और फलियों को जब पानी में डाला जाता है तो इनमें मौजूद फाइटेट्स खत्म हो जाते हैं। जिससे इसे पचाने में बेहद आसानी होती है। किसी भी अनाज को जब अंकुरित किया जाता है, तो उसमें मिनरल्स, प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं।
जहां तक एंटी-आक्सीडेंट की बात है तो स्पाउट्स में प्रचुर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटी-आक्सीडेंट शरीर की प्रक्रिया के सही ढंग से चलाने में सहायक होते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम महंगी से महंगी दवाइयां खरीद लेते हैं पर अपना देसी और सस्ता इलाज भूल जाते हैं। जबकि स्प्राउट्स सबसे बढिय़ा व सस्ता विकल्प हैं अपने आप को स्वस्थ रखने का चना, मूंग, राजमा और मटर को रात भर पानी में डाल कर रखें और अगले दिन इसे सब्जी के साथ पका कर या फिर अंकुरित कर खा सकते हैं। स्प्राउट्स बनाने की विधि कच्चे अनाज को सुपर फूड बना देती है। उनमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन की मात्रा काफी बढ़ जाती है।
लंबे समय तक स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका है स्प्राउट्स। यह हमें कई तरह की बीमारियों और लाइफस्टाइल संबंधी परेशानी से बचाती है। स्प्राउट्स को पोषक तत्वों का बंडल भी कहा जाता है। अनाज जैसे गेहूं, मक्का रागी, बार्ली और बाजरे को 12 घंटे पानी में भिगोकर मिट्टी में डाल दिया जाता हैं। इनके नन्हें पौधे 10-12 दिनों में तैयार हो जाते हैं। इनका जूस सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
-ईशा

 

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