हस्तरेखा से विवाह काल का ज्ञान
18-Feb-2015 09:20 AM 1238570

विवाह का समय, वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य आदि का ज्ञान जिस प्रकार जन्म कुण्डली में विवाह स्थान से ज्ञात होता है, उसी प्रकार हस्त रेखा में विवाह रेखा स्पष्ट करती है।

विवाह रेखा सूर्य रेखा का स्पर्श कर अधोगमन करे, तो प्राणी का विवाह अनमेल होता है। यदि विवाह रेखा मस्तिष्क रेखा का स्पर्श करे तो वह व्यक्ति अपनी पत्नी का हत्यारा होता है। बुध पर्वत पर विवाह रेखा कई खण्डों में विभक्त हो जाए, तो बार-बार सगाई टूट जाती है। विवाह रेखा पर काला धब्बा होने पर प्राणी को पत्नी से सुख नहीं प्राप्त होता है। यदि विवाह रेखा ऊर्ध्वगमन करते हुए कनिष्ठा अंगुली के द्वितीय पर्व पर चढ़ जाए तो वह व्यक्ति आजीवन कुंवारा रहता है। विवाह रेखा बीच-बीच में पतली होकर पुन: चौड़ी होती हुई दिखाई, तो जीवनसाथी के अस्वास्थ्य को प्रकट करती है। ऐसे व्यक्ति की पत्नी निरंतर रुग्ण रहती है, जिसके कारण दांपत्य सुख की हानि होती है।

हस्त रेखाएं हमारे जीवन का दर्पण है। शास्त्रकारों ने इस विषय पर पर्याप्त अध्ययन कर मनुष्य को संपूर्ण शुभाशुभ फलों का निष्कर्ष प्राप्त करने में सफलता अर्जित की है। यह एक मौलिक सिद्धांत है। इसका अपवाद नहीं किया जा सकता है। मानव जीवन का चालीस प्रतिशत भाग दाम्पत्य जीवन पर आधारित है। अत: इस विषय को ठीक से ज्ञात कर लेने पर हम जीवन में सुख-शांति का आकलन कर सकते हैं। धमार्थकाम के अंतर्गत परिणय रेखा धर्म और अर्थ के मूल में अवस्थित देखी जाती है। इसी से हम व्यावहारिक जीवन की सफलता का निर्धारण में सभी एक मत हैं। पुराण, जैन मुनि तथा आधुनिक पाश्चात्य मूल तथा हृदय रेखा का उद्गम स्थल कनिष्ठिका मूल तथा हृदय रेखा के मध्य ही स्वीकार करते हैं।

कौन होंगे धनी

हममें से लगभग सभी को सुख-समृद्धि और धन संपत्ति पाने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो मेहनत न भी करें फिर भी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है उनपर । जिनकी भाग्य रेखाएं एक से अधिक होती हैं और सभी ग्रह पूर्ण विकसित नजर आते हैं, कहा जाता है ऐसे लोग करोड़पति होते हैं। जिनकी उंगलियां सीधी और पतली होती हैं तथा हृदय रेखा बृहस्पति से नीचे जाकर समाप्त नजर आए तो समझिए उस व्यक्ति को धन-संपत्ति की कभी कोई कमी नहीं होती।

जिनकी हस्तरेखा में भाग्यरेखा की कोई लाइन जीवन रेखा से निकलती प्रतीत होती है और हथेली सॉफ्ट तथा पिंक हो तो ऐसे लोगों के नसीब में अथाह संपत्ति होती है।

जिनके हाथ नरम होने के साथ-साथ भारी और चौड़े हों उन्हें धन की कभी कोई कमी नहीं होती।

भाग्य रेखा अधिक होने के साथ-साथ शनि उत्तम हो और जीवन रेखा घुमावदार हो तो ऐसे व्यक्ति के पास धन-समृद्धि की कभी कोई कमी नहीं होती।

जब जीवन रेखा के साथ-साथ मंगल रेखा अंत तक नजर आए तथा हथेली भारी हो तो समझ लीजिए कि उन्हें पैतृक संपत्ति से धन-संपत्ति प्राप्त होना है।

जिनकी भाग्य रेखाएं एक से अधिक नजर आती हैं और उंगलियों के आधार एक समान हो तो समझिए उन्हें कहीं से अनायास ही धन मिलने वाला है। जिनकी भाग्य रेखा जीवन रेखा से दूर हो और चंद्र से निकलकर कोई पतली रेखा भाग्य रेखा में मिलती नजर आती हो और इसके अलावा चंद्र, भाग्य और मस्तिष्क रेखाएं ऐसी दिखे जिससे त्रिकोण बना नजर आए और ये सारी रेखाएं दोष रहित हों, उंगलियां सीधी और सभी ग्रह पूर्ण रूप से विकसित हो तो ऐसे लोगों को अकस्मात धन मिलता है।

-आचार्य पवन त्रिपाठी

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