02-Feb-2015 03:13 PM
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घर का वास्तु आपके आपसी संबंधों को भी प्रभावित करता है। वास्तु एक्सपर्ट का मानना है कि घर में वास्तु दोष हो, तो यह पति-पत्नी के आपसी संबंधों के साथ-साथ सास और बहू के बीच क्लेश भी बढ़ाता है। अगर आपके घर में भी यह समस्या है, तो एक नजर अपने घर के वास्तु पर डालें।
दोष
घर की रसोई नॉर्थ-ईस्ट यानी उत्तर-पूर्व में होगी, तो वहां भी सास-बहू के आपसी क्लेश, मनमुटाव और हमेशा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रहेंगी। किचन कभी भी घर के सेंटर में ना हो, यह आपसी संबंधों के लिए बेहद घातक है।
सास-ससुर का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए और बेटे-बहू का कमरा पश्चिमी या दक्षिण दिशा में।
अगर बेटे-बहू का कमरा साउथ-वेस्ट में है, डॉमिनेटिंग दिशा होने के कारण यहां घर के बड़ों को ही रहना चाहिए।
गैस के ऊपर बने कैबिनेट काले ना हों। काले रंग से निकलने वाली अल्फा रेडिएशन हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होतीं और चूंकि महिलाओं का ही अधिकतम समय किचन में बीतता है, इसलिए सबसे ज्यादा असर इन्हीं की हैल्थ पर पड़ता है।
वास्तु के हल
आजकल चूंकि लोगों के घर छोटे-छोटे होते हैं, पैसे और समय की कमी होती है, इसलिए लोगों के लिए अपने घर को वास्तु के हिसाब से बनवाना संभव नहीं होता।
जैसा घर मिला, उसी में गुजारा करना पड़ता है। अपने घर के वास्तु दोष आप इस तरह ठीक कर सकती हैं- घर की दीवारों पर मल्टीकलर ना कराएं। खासकर लाल और काले रंग को कम से कम यूज में लाएं।
घर के बड़ों का कमरा अगर साउथ-वेस्ट में ना हो, तो वे अपना कमरा बदल लें। अगर ऐसा करना संभव ना हो, तो उन्हें अपना बेड इस दिशा में खिसका लेना चाहिए।
पानी उत्तर दिशा में रखें। इसमें किचन का सिंक, पीने का पानी सभी शामिल हैं। किचन में नीला रंग ना कराएं यह स्वास्थ्य की नजर से ठीक नहीं है, क्योंकि नीला रंग जहर का चिह्न है। पूरे परिवार के आपसी संबंधों को अच्छा बनाने के लिए पूरे परिवार का फोटो लाल रंग के फ्रेम में अपने-अपने बेडरूम में लगाएं। अगर गैस पूर्व में रखना संभव ना हो, तो पश्चिम दिशा में छोटा सा आईना लगाएं। जिसमें गैस का रिफ्लेक्शन दिखायी पड़े।
पश्चिम की तरफ से सीढिय़ों के नीचे आने पर भी कर्ज बढ़ता है।
घर व ऑफिस में मोर छड़ी हमेशा रखें
मंगलवार के दिन कर्ज कभी ना लें। पुराने समय में साहूकार लोग मंगलवार को कर्ज देते थे, ताकि लेने वाला कर्ज चुका ही नहीं पाए।
भाव भवनों के बीच दबा हुआ प्लॉट कभी न खरीदें। यह गरीबी तथा कर्ज में फंसा देता है। बहुमंजिली इमारतों के बीच खाली प्लॉट कर्ज व गरीबी की निशानी है।
उत्तर या पूर्व की दीवार पर उत्तर पूर्व की ओर लगे दर्पण लाभदायक होते हैं। दर्पण के फ्रेम का रंग लाल, सिन्दूरी या मैरून नहीं होना चाहिए। दर्पण जितना हल्का तथा बड़े आकार का होगा उतना ही लाभदायक होगा। व्यापार तेजी से बढ़ेगा व कर्ज की स्थिति कम हो जायेगी।
मुख्य दरवाजे के पास एक और छोटा सा द्वार लगवाएं। कर्जे से छुटकारा मिलेगा।
कर्ज से मुक्ति के लिए टिप्स
आज की इस मंहगाई के जमाने में दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती जा रही है। कहते तो हैं कि अपना पांव चादर देखकर ही फैलाइये, लेकिन आज की मंहगाई व फैशन की दौड़ में यह संभव नहीं हो पा रहा है। बढ़ती जिम्मेदारियां तथा इच्छा व्यक्ति को कर्ज लेने पर मजबूर कर देती हैं। क्रेडिट कार्ड भी एक तरह का कज ही हैं। अगर बच्चों को हायर एज्यूकेशन दिलाना है तो कर्ज लो, बिटिया की शादी धूमधाम से करनी हो तो कर्ज लो या फिर घर भी बनाना है, ते भी होम लोन लो, किसी न किसी तरह कर्ज हमारे ऊपर रहने लगा है। वास्तु तथा फेंगशुई के मुताबिक अगर व्यक्ति अपने घर की बनावट तथा साज-सज्जा पर थोड़ा सा ध्यान दें, तो उसके कर्ज में डूबने की संभावना कम हो जाती है ।
घर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में टॉयलेट होने पर व्यक्ति पर कर्ज का बोझा बढ़ता ही
जाता है।
कर्ज की पहले किस्त हमेशा मंगलवार को चुकानी चाहिए। चमत्कारी रूप से कर्ज उतरता चला जाता है।