मप्र में रोजगार की बहार
01-Sep-2022 12:00 AM 5399

 

कोरोना संक्रमण के बाद से देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मप्र सरकार ने संक्रमणकाल के दौरान ही बेरोजगार हुए लोगों को रोजगार मुहैया कराने का प्रयास शुरू कर दिया था। इससे प्रदेश में बेरोजगारी बड़ी समस्या नहीं बन पाई। फिर भी प्रदेश सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने का निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश को बेरोजगारी मुक्त प्रदेश बनाने का प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत मप्र को तीन साल में बेरोजगारी मुक्त प्रदेश बनाना है।

मप्र देश का ऐसा राज्य है जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। आज जहां देश में बेरोजगारी का प्रतिशत 8.3 फीसदी है, वहीं मप्र में 2 फीसदी है। अब प्रदेश सरकार का फोकस है कि प्रदेश में रोजगार के अवसर पैदा कर हर बेरोजगार को काम मुहैया कराया जाए। वहीं सरकार ने सरकारी नौकरियों के द्वार भी खोल दिए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का लक्ष्य है कि प्रदेश में हर साल ढाई लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि हमारा प्रयास है कि धीरे-धीरे प्रदेश को बेरोजगारी मुक्त बनाया जाए। किसी भी युवा को मप्र की धरती पर निराश होने की आवश्यकता नहीं हैं, यहां शिक्षा भी मिलेगी और रोजगार भी।

सरकार द्वारा मप्र को बेरोजगारी मुक्त प्रदेश बनाने का जो प्लान तैयार किया गया है उसके तहत गत दिनों प्रदेशभर में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के अमरदास हॉल में राज्य स्तरीय रोजगार दिवस कार्यक्रम में स्व-रोजगार योजनाओं में हितग्राहियों को ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए। साथ ही 75 हजार से अधिक हितग्राहियों को स्व-रोजगार के लिए 466 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को लाभ के प्रमाण-पत्र का वितरण भी किया। वहीं मुख्यमंत्री ने इंदौर में 2 करोड़ 84 लाख की लागत के मध्य भारत के पहले टॉय क्लस्टर का वर्चुअल शिलान्यास और उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के लिए ई-लर्निंग मॉड्यूल का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दिशा में मप्र सरकार भी अपने युवाओं को स्व-रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

मप्र सरकार प्रदेश को बेरोजगारी मुक्त प्रदेश बनाने पर किस तेजी से काम कर रही है इसका आंकलन इसी से लगाया जा सकता है कि इस साल सरकार ने अभी तक 13 हजार करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दिशा में मप्र सरकार भी अपने युवाओं को स्व-रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में पहला रोजगार दिवस 12 जनवरी 2022 को 5 लाख से अधिक प्रदेशवासियों को अलग-अलग योजनाओं में रोजगार प्रदान कर मनाया गया। इसी क्रम में 31 मार्च तक लगभग 13 लाख हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर 7 हजार करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृत किए गए। एक अप्रैल से 22 अगस्त 2022 तक लगभग 9 लाख 52 हजार लोगों को 6 हजार करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि पथ विक्रेताओं से लेकर स्टार्टअप इंडस्ट्री तक हम प्रदेश के हर उस व्यक्ति के साथ खड़े हैं, जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता है। आत्मनिर्भर मप्र के निर्माण में रोजगार दिवस न केवल एक मील का पत्थर है बल्कि महायज्ञ है।

प्रदेश की स्व-सहायता समूह की महिलाएं चमत्कार कर रही हैं। वे न केवल ग्रामीण क्षेत्र में बल्कि शहरी क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वर्तमान में समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे व्यवसाय का टर्नओवर 20 हजार करोड़ रुपए है। समूह द्वारा किए जा रहे उत्पादों के निर्माण के लिए हर माह बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका केवल 2 प्रतिशत ब्याज समूह को देना होता है। शेष ब्याज राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। समूह की महिलाओं द्वारा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पोषण आहार की फैक्ट्रियां भी संचालित की जा रही हैं। शासन का लक्ष्य है कि समूह की हर महिला अपने घरेलू कामकाज के साथ न्यूनतम 10 हजार रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त आमदनी कमा सके। मुख्यमंत्री का कहना है कि वे प्रतिमाह बैंकर्स के साथ बैठक कर लोन स्वीकृति के संबंध में चर्चा करते हैं। उन्होंने सभी बैंकर्स को उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और उनसे आग्रह किया कि किसी भी पात्र हितग्राही को लोन स्वीकृति में परेशानी न आए। प्रदेश के हर व्यक्ति को स्व-रोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे। प्रदेशवासी रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनेंगे।

एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा का कहना है कि प्रदेश में सरकार ने तीन साल में सभी युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारत में मप्र ही एकमात्र ऐसा प्रदेश है जिसने 10 लाख से ज्यादा रोजगार दिए हैं। अभी तक 42 क्लस्टर बना चुके हैं। क्लस्टर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनेंगे। इनमें से 22 क्लस्टर का भूमिपूजन कर शुरू करेंगे। इनसे अगले तीन सालों में चार लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर मिलना शुरू होगा। क्लस्टर के अनुरूप हम युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नीति के माध्यम से 2500 से ज्यादा स्टार्टअप पिछले तीन महीने में बनाए हैं। पहले एमएसएमई में पूंजी, तकनीकी की कमी के कारण बंद होते थे। टाय क्लस्टर में 22 फैक्टरी साढ़े तीन हेक्टेयर में शुरू। एक फैक्टरी में 2100 के करीब रोजगार मिलेगा। हमारा उद्देश्य प्रदेश से बेरोजगारी के कलंक को पूरी तरह से खत्म करना है। अगले तीन सालों में हम इसे हासिल कर लेंगे। इससे पहले विभाग के सचिव पी नरहरि ने कहा कि हर माह रोजगार दिवस आयोजित होंगे। बैंकों में पहुंचने वाले आवेदनों का एकीकृत निराकरण करने से लेकर उनके खातों में राशि पहुंचाने तक को शासन अपनी निगरानी कर रहा है। मप्र टॉय क्लस्टर की नीति बनाने वाला पहला राज्य है।

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ऐलान किया है कि मप्र सरकार हर महीने ढाई लाख लोगों को रोजगार देगी। रोजगार दिवस पर इंदौर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जीने के लिए रोटी और रोटी के लिए रोजगार चाहिए। जनवरी 2022 में पहला रोजगार दिवस मनाया था। पहले दिन ही 5 लाख युवाओं को लोन दिलवाया। 13 लाख लोगों को मार्च तक लोन दे चुके हैं। अब सरकारी नौकरी भी ऐसे आयोजनों के साथ दी जाएगी। गुरु अमरदास हाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रंगवासा-राऊ में प्रस्तावित खिलौना (टाय) क्लस्टर की आधारशिला भी रखी। मुख्यमंत्री ने उद्यमिता प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग माड्यूल भी लांच किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि प्रदेश के युवाओं को नौकरियों के काफी अवसर हैं। अभी पुलिस भर्तियां चालू हैं। हम एक लाख सरकारी नौकरी एक साल में देंगे। स्व-सहायता समूहों का टर्नओवर 20 हजार करोड़ रुपए है। ये समूह महिलाएं चला रही हैं। उद्यम क्रांति योजना इसलिए बनाई है कि सरकारी नौकरी सबको नहीं मिल सकती। जो युवा काम करना चाहते हैं वे इसका लाभ लें। मैं हर महीने बैंकर्स की बैठक भी ले रहा हूं। रोजगार का आयोजन यज्ञ से कम नहीं। हम हर महीने ढाई लाख लोगों को रोजगार से लगाएंगे। मप्र ऐसा राज्य है जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम हैं। अगले वर्ष इंदौर में 7, 8 और 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आयोजन के उद्घाटन के लिए आमंत्रण भी दिया है।

स्वरोजगार योजना के तहत तमाम हितग्राहियों को मुख्यमंत्री ने ऋण के चेक दिए। इनमें स्वयं सहायता समूहों के अलावा ज्यादातर युवा थे। पशु आहार उत्पादन, ड्रेगन फू्रट की उन्नत खेती से लेकर फैशन डिजाइन, किराना दुकान और विभिन्न तरह के उद्यमों के लिए ऋण दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर के खिलौना क्लस्टर की फैक्ट्रियां सालभर में उत्पादन शुरू कर देंगी। प्रदेश सरकार ने उद्यम क्रांति योजना इसलिए बनाई है, क्योंकि सभी को सरकारी नौकरियां नहीं मिल सकतीं। एक साल में एक लाख सरकारी नौकरियां देंगे और ऐसे समारोह के जरिए चुने गए युवाओं को नौकरी पर भेजेंगे। मप्र ऐसा राज्य है, जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही भोपाल में 4 सितंबर को विशाल कार्यक्रम में लगभग 16 हजार शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में भी भर्ती नियमित रूप से की जा रही है। राज्य शासन का लक्ष्य है कि एक साल में लगभग एक लाख सरकारी नौकरी प्रदेशवासियों को दी जाए।

रोजगार और स्वरोजगार शासन की प्राथमिकता

मप्र में रोजगार और स्वरोजगार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह लगातार अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में शुरू होने वाले 17 कलस्टर्स निर्माण की प्रक्रिया 1 महीने के अंदर शुरू की जाए। रोजगार और स्व-रोजगार राज्य शासन की प्राथमिकता है। फार्मा, फर्नीचर, रेडीमेड गारमेंट, फूड-प्रोसेसिंग और खिलौना निर्माण में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। इन कलस्टर्स का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा करें। औद्योगिक पार्कों के निर्माण की प्रक्रिया को भी गति दी जाए। साथ ही केवल रोजगार ही नहीं स्व-रोजगार के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से युवाओं को जोड़ने के लिए सुविधाजनक वातावरण और युवाओं को आवश्यक प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्व-रोजगार योजनाओं में अनुदान की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में ऑनलाइन हस्तांतरित करने के लिए पोर्टल अपग्रेडेशन का कार्य जल्द पूरा करें। ह्य

21 विभागों में भर्ती की तैयारी

मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा को अमल में लाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बताया गया कि उन्हें 21 बड़े विभागों में 93,681 रिक्त पदों की आधिकारिक जानकारी प्राप्त हो गई है। इन पदों पर नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन ने बताया कि 21 बड़े विभाग में 93 हजार 681 पद रिक्त हैं। इनकी पूर्ति के लिए आवश्यक प्रक्रिया संचालित की जाएगी। बताया गया कि स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में विभिन्न श्रेणी के लगभग 30 हजार रिक्त पद हैं, साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में रिक्त पदों को मिलाकर लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती का कार्य हो सकेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग अपने यहां वैकेंसी की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित की जानी चाहिए। जानकारी के मुताबिक जल्द ही प्रदेश में भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाएंगे।

- श्याम सिंह सिकरवार

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