21-Mar-2020 12:00 AM
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दुनिया में पिछले कुछ दशकों में कई खतरनाक वायरस के हमले हुए। इनसे बड़े पैमाने पर लोगों की मौत भी हुई। पिछले दो-तीन दशकों में इबोला, सार्स और स्वाइन फ्लू को सबसे किलर वायरस माना गया, लेकिन माना जा रहा है कि जिस तरह कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल रहा है और बड़े पैमाने पर चपेट में ले रहा है, उसके बाद कहा जा रहा है कि ये अब तक का सबसे खतरनाक वायरस है। कोरोनावायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी घोषित कर दिया है। भारत ने कोरोनावायरस को लेकर नए निर्देश जारी कर दिए हैं। 13 मार्च को शाम 5.30 बजे (12 जीएमटी) से अगले 35 दिन के लिए दुनिया के किसी भी देश के हर व्यक्ति के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। सिर्फ डिप्लोमैटिक और एम्प्लॉयमेंट वीजा को छूट दी गई है। सरकार ने साफतौर पर कहा है कि अगर जरूरी न हो तो भारतीयों को विदेशों में जाने से बचना चाहिए। उधर, मप्र सरकार ने 12वीं तक स्कूल तथा कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए हैं।
कोरोनावायरस सार्स से भी ज्यादा खतरनाक बनकर उभरा है। सार्स वर्ष 2002 से 2003 के बीच चीन से फैला था। उसकी वजह से करीब 1500 से 2000 लोगों की जान गई थी। ये बीमारी भी चीन से फैली थी। माना गया था कि वहां ये वायरस किसी जानवर या बर्ड से मनुष्यों में पहुंचा और फिर हवा के जरिए फैलने लगा। वहीं 2014 में जब दुनियाभर में इबोला महामारी ने दस्तक दी तो इसने 26800 लोगों को प्रभावित किया, जिसमें 40 फीसदी लोग मारे गए लेकिन उसका असर भौगोलिक तौर पर सीमित था। ये वायरस आमतौर पर पश्चिमी अफ्रीका के तीन देशों तक ज्यादा फैला रहा। लेकिन कोरोना विश्वव्यापी हो गया है।
चीन के बाहर कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इटली और ईरान में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दुनिया के 124 देश कोरोना की चपेट में हैं और कुल 1,26,367 लोग कोरोना से संक्रमित हैं। दुनियाभर में अब तक 4,633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुल 68,304 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले एक महीने के लिए यूरोप से अमेरिका की सभी यात्राओं पर पाबंदी लगा दी है। हालांकि यूके को इस रोक से अलग रखा गया है। अमेरिका में कोरोनावायरस से अब तक 38 लोगों की मौत हो गई है जबकि 1300 लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं।
भारत में कोरोना के 91 मामले हो गए हैं। केंद्र सरकार के दफ्तरों में 31 मार्च तक बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर रोक लगा दी गई है। देश के 30 एयरपोट्र्स पर विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। कोरोनावायरस को डब्ल्यूएचओ ने महामारी घोषित कर दिया है। संगठन ने कहा कि समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे कोरोना के प्रभाव को कम करने के लिए हम कई सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारत ने 31 मार्च तक सभी विदेशी शिप की एंट्री बैन कर दी है।
लंदन के स्कूल ऑफ हाइजीन और ट्रॉपिकल मेडिसिन ने कोरोनावायरस के फैलने का एक मैप तैयार किया है। ये मैप बताता है कि कोरोनावायरस कहीं ज्यादा देशों में फैल चुका है। इबोला, सार्स और स्वाइन फ्लू जो पिछले तीन दशक के सबसे खतरनाक वायरस माने गए, वो भी इतने देशों तक नहीं फैल पाए थे। कोरोनावायरस की शुरुआत चीन के शहर वुहान में दिसंबर में हुई। हालांकि उस समय चीन ने उससे संबंधित खबरों को दबाने या छिपाने की कोशिश की लेकिन जनवरी आते-आते ये बेकाबू हो चुका था। जनवरी में इसकी पहचान कोरोनावायरस फैमिली के नए घातक सदस्य के तौर पर की गई। साथ ही ये खबरें भी आने लगीं कि इसके शिकार बड़े पैमाने पर बढ़ते जा रहे हैं। उसी गति से मरने वालों की तादाद भी बढ़ रही है। चीन द्वारा इस खबर तो दबाने-छिपाने की वजह से ये वायरस दुनियाभर में फैल चुका है, क्योंकि दिसंबर और जनवरी में बड़े पैमाने पर जो लोग चीन आए और वहां से दुनिया के अन्य देशों में गए, वहां ये वायरस भी फैल गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसमें सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन लोगों को बीमारी हो रही है, उनमें इसके संकेत काफी देर से प्रगट होते हैं, उन्हें खुद नहीं मालूम होता कि वो ये बीमारी साथ लेकर चल रहे हैं।
कोरोनावायरस के खतरे को लेकर भारत में चिंता बढ़ रही है। सरकार लगातार संक्रमण से लडऩे के लिए कदम उठा रही है। केंद्र ने अपने सभी दफ्तरों में 31 मार्च तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर रोक लगा दी है। इसके अलावा वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी आम लोगों के लिए बंद कर दी गई है। विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग अब 21 की बजाय 30 एयरपोर्ट पर की जाएगी। इस बीच पर्यटन मंत्रालय ने कहा है कि वह फरवरी महीने में देश में आए 450 ईरानी नागरिकों का पता, ठिकाना लगा रहा है। मंत्रालय यह कदम इसलिए उठा रहा है, क्योंकि ईरान में कोरोनावायरस तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।
कैसे फैल सकता है कोरोना वायरस?
कोरोना के संक्रमण फैलने की चार वजह हो सकती है। आप संक्रमित व्यक्ति के पास कितनी देर रहे? आप उसके कितने पास गए? क्या उस व्यक्ति के छींकने या खांसने की वजह से आपको छींटे पड़े? आपने अपने चेहरे को कितनी बार छुआ? आपके उम्र और स्वास्थ्य की वजह से भी कोरोना के संक्रमण का असर पड़ता है। कोरोना का वायरस कहीं भी पहुंच सकता है, जब तक इसकी राह में कोई बाधा नहीं आए। जब हम छींकते हैं या खांसते हैं तो हमारे मुंह से कुछ बूंदें गिरती हैं। अगर इनकी राह में कुछ नहीं आए तो ये सीधे जमीन पर पहुंच सकती हैं। कोरोना का वायरस आपके शरीर में तभी पहुंच सकता है जब यह आपके आंख, नाक या मुंह में पहुंचे। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के संक्रमण की प्रमुख वजह खांसना या छींकना ही है। किसी व्यक्ति के बहुत करीब जाकर बात करने या साथ खाना खाने से भी कोरोना का वायरस फैल सकता है।
- बृजेश साहू