खुलेगा पर्यटन का द्वार
18-Feb-2020 12:00 AM 1075

मप्र को मैग्नीफिसेंट (शानदार) बनाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनकी सरकार नए-नए प्रयोग कर रही है। मुख्यमंत्री की कोशिश है कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आए ताकि बेरोजगारी दूर हो सके। वहीं वे प्रदेश को पर्यटन के नक्शे पर भी मैग्नीफिसेंट बनाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रदेश की राजधानी भोपाल और व्यावसायिक राजधानी इंदौर में इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकादमी अवार्ड (आईफा) का आयोजन करने का निर्णय लिया है। सरकार की मंशा है कि आईफा के आयोजन से मप्र में पर्यटन का द्वार खुलेगा। 

सरकार के अनुसार भोपाल-इंदौर में होने वाले आईफा अवार्ड से प्रदेश की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेगी। प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। पर्यटन, उद्योग, व्यवासाय और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में नया निवेश आएगा। आईफा का इक्कीसवां आयोजन पहली बार मुंबई के बाहर मध्यप्रदेश में आयोजित हो रहा है। आईफा अवॉर्ड का रंगारंग आयोजन एक दिन भोपाल और दो दिन इंदौर में होगा। गत दिनों मिंटो हाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में सुप्रसिद्ध फिल्म कलाकार सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिस ने आयोजन के करटेन रेजर कार्यक्रम में आईफा अवार्ड के आयोजन तारीखों की घोषणा की। भोपाल के मिंटो हॉल में 21 मार्च को और इंदौर में 27 एवं 29 मार्च को इसका आयोजन होगा। संगीत, मनोरंजन और फिल्म निर्माण की विभिन्न विधाओं के समागम से जुड़े आईफा अवार्ड के आयोजन को सलमान खान के साथ रितेश देशमुख, जैकलीन और कटरीना कैफ होस्ट करेंगे।

मध्य प्रदेश में आईफा अवार्ड समारोह की तारीखों का ऐलान किए जाने के साथ ही राज्य की सियासत गरमा गई है। भाजपा इस आयोजन को जहां फिजूलखर्ची बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इस आयोजन को देश और दुनिया में राज्य को पहचान दिलाने वाला आयोजन करार दिया है। आईफा अवार्ड समारोह आयोजन पर विपक्षी दल भाजपा के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का कहना है, राज्य की धरती पर दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं, किसान कर्जमाफी के इंतजार में आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगार युवा हताशा और अवसाद का शिकार हो रहे हैं। कन्याएं अपनी गृहस्थी बसाने के लिए उपहार राशि का इंतजार कर रही हैं। संबल योजना के हितग्राही कफन सहायता, मृत्यु सहायता की आशा में रोज बैंकों से खाली हाथ लौट रहे हैं।

भार्गव ने कई योजनाओं को बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा, खाली खजाने का हवाला देकर कमलनाथ सरकार गरीबों की योजनाओं को बंद कर रही है। वहीं दूसरी ओर आईफा अवार्ड के नाम पर सरकार अपनी वाहवाही में लगी हुई है। वहीं राज्य की संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ का कहना है, आईफा अवार्ड आयोजन प्रदेश को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाने वाला होगा। भाजपा के नेताओं का काम है आरोप लगाना और वे वही कर रहे हैं। इस आयोजन से राज्य में व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी, इसका लाभ तो प्रदेश और प्रदेशवासियों को ही होगा। उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य है, वाइल्ड लाइफ है, धरोहर है। इस आयोजन के जरिए लोग इसे करीब से जान सकेंगे। जब कोई भी बड़ा आयोजन किसी स्थान पर होता है तो उसका लाभ उस क्षेत्र और वहां के लोगों को होता है। आईफा के आयोजन से देश और दुनिया के लोगों का यहां आना होगा और वे मध्य प्रदेश को करीब से जान सकेंगे।

राज्य की कमलनाथ सरकार द्वारा आर्थिक सुधार लाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हवाला देते हुए डॉ. साधौ ने कहा, इस आयोजन से राज्य को आर्थिक लाभ होगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास चल रहे हैं, उस दिशा में आईफा मददगार साबित होगा। मुंबई सिने जगत इंदौर आएं, अपने मध्यप्रदेश के घरु कलाकार और युवा चेहरे कुछ नया अवसर पाएं तो इससे बड़ी क्या खुशी होगी। हमारा प्रदेश, हमारे शहर, हमारी कला संस्कृति, पर्यटन का आईफा के जरिए देश दुनिया में प्रचार-प्रसार हो इससे भला हम प्रदेशवासियों के लिए क्या होगा।

मध्यप्रदेश में आईफा क्यों?

मध्यप्रदेश में आईफा के आयोजन पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठाने वालों को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जवाब देते हुए कहा है कि आईफा एक नई उम्मीद की किरण है। निश्चित ही यह मध्यप्रदेश के लिए भी बड़ा अवसर है। जिस समारोह में मुंबई सिने दुनिया से 5 हजार सितारे शामिल होने वाले हों उसके विशाल स्वरूप का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। इस दौरान होटल, ट्रैवल और टूर इंडस्ट्री को अच्छा खासा बूस्टअप मिलने वाला है। मुंबई से जब सितारे जुटेंगे तो इंदौर में देश-दुनिया के टीवी और मनोरंजन चैनलों के रिपोर्टर और कैमरामैन भी आएंगे। ऐसे में टाइगर स्टेट कहलाने वाले अपने मध्यप्रदेश की धुंआधार ब्रांडिंग होना तय है। आईफा समारोह के आयोजन के दौरान इवेंट मैनेजमेंट से लेकर पर्यटन, संस्कृति, सिक्योरिटी से जुड़े हजारों लोग आयोजन का हिस्सा बनेंगे। कलाकारों के इस महाकुंभ के प्रति मध्यप्रदेश के टीवी, सिने कलाकारों से लेकर सिने दुनिया का सपना देखने वाले भी आशान्वित होंगे। बाहर के नामी सिने और टीवी जगत के कलाकार आएं तो उन्हें भी कुछ न कुछ मौका इन कलाकारों से मिलने-जुलने से लेकर संवाद का अवसर मिले ये अपेक्षा करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार जिस भी रूप में आयोजन से जुड़े उसे स्थानीय कलाकारों और स्थानीय आशाओं और अपेक्षाओं का पूरा ख्याल करना चाहिए और उनके लिए उचित अवसर का मंच तैयार रखना चाहिए।

- विकास दुबे

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