इंदौर का सफाई में पंच
06-Dec-2021 12:00 AM 2994

 

स्वच्छता सर्वेक्षण में एक बार फिर मप्र ने अपना लोहा मनवाया है। इंदौर जहां लगातार पांचवी बार देश का सबसे साफ शहर घोषित हुआ है, वहीं मप्र को इस बार 35 अवार्ड मिले हैं। हालांकि ग्वालियर सहित कुछ अन्य शहरों की परफॉर्मेंस अच्छी नहीं रही है। लेकिन मप्र की स्थिति संतोषजनक है।

केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर को लगातार पांचवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। वार्षिक स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2021 के परिणामों की घोषणा गत दिनों की गई। स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2021 में सबसे स्वच्छ शहरों में दूसरा स्थान सूरत को और तीसरा स्थान विजयवाड़ा को प्राप्त हुआ। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा घोषित सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य घोषित किया गया। सर्वेक्षण में वाराणसी को 'स्वच्छ गंगा शहरÓ की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और गांधीजी की इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया।

 स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में मप्र के इंदौर शहर का एक बार फिर डंका बजा है। इंदौर 5वीं बार भी देशभर में अव्वल आया है। वर्ष 2017 से इंदौर देशभर में नंबर-1 पर आ रहा है। इस बार इंदौर ने सफाई का पंच लगा दिया। सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में भी इंदौर अव्वल रहा। इसमें 12 करोड़ रुपए का पुरस्कार मिला। राज्य कैटेगरी में मप्र को तीसरा स्थान मिला है। मप्र को कुल 35 अवार्ड मिले हैं। इंदौर के पांचवीं बार टॉप रहने पर मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इंदौरी अंदाज दिखा। उन्होंने ट्वीट किया- वाह भिया! छा गया अपना इंदौर...। दस लाख से ज्यादा आबादी वाले टॉप 20 शहरों में मप्र के चारों बड़े शहर शामिल हैं। इंदौर-1, भोपाल-7 ग्वालियर-15 जबलपुर-20 नंबर पर है। 10 लाख तक की आबादी में उज्जैन का पांचवा नंबर है। वहीं तीन लाख की आबादी वाले शहर में देवास को छठवां स्थान मिला है।

दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में विजेता शहरों और प्रदेशों को सम्मानित किया जा रहा है। देश के सबसे साफ शहरों की श्रेणी में इंदौर की प्रबल दावेदारी मानी जा रही थी। हुआ भी वैसा ही। साल 2017 से इंदौर नंबर-1 पोजिशन पर है। लगातार पांचवीं बार उसे यह खिताब मिला है। राष्ट्रपति कोविंद ने नंबर-1 पर रहे इंदौर को अवार्ड दिया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मंच पर मौजूद रहे। इंदौर का अवार्ड लेने के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह, इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह, इंदौर निगमायुक्त प्रतिभा पाल आदि दिल्ली पहुंचे थे। भोपाल से भी कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर-भोपाल समेत उज्जैन, देवास, होशंगाबाद और बड़वाह को नामांकित किया गया था। भोपाल ने सफाई मित्र, स्टार रेटिंग और स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए दावा किया। पिछले साल भोपाल देश के सबसे साफ शहरों में सातवें नंबर पर था। इस बार रैंकिंग में सुधार हुआ है। सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में इंदौर, भोपाल और देवास ने राष्ट्रीय पुस्कारों की श्रेणी में अपना स्थान बनाया है। इसमें इन्हें अच्छी पोजिशन मिली है। स्टार रेटिंग में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, देवास, होशंगाबाद, ग्वालियर, सिंगरौली, मूंदी, बुरहानपुर, राजगढ़ और धार समेत 25 शहरों ने दावा किया था। इनमें कई शहर आगे रहे हैं।

भोपाल देश का 7वां सबसे साफ शहर

स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में भोपाल देश का 7वां सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है। वहीं, बेस्ट सेल्फ सस्टेनेबल कैपिटल का खिताब भी मिला है। यह रैंकिंग और अवार्ड पिछले साल भी मिले थे। इसके अलावा सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में भोपाल तीसरे नंबर पर रहा। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मप्र के टॉप-20 शहरों में चार महानगर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर शामिल हैं। हालांकि, सीवेज, पॉलिथीन का उपयोग और खुले में कचरा फेंकने जैसी समस्याओं के कारण भोपाल का इंदौर को पछाड़ पाना ख्वाब जैसा ही माना जा रहा है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में इंदौर ने जहां नंबर-1 की पॉजिशन हासिल की है। वहीं, राजधानी भोपाल 7वें नंबर पर रहा। उसे 6000 में से 4783.53 अंक मिले हैं। सेल्फ सस्टेनेबल कैपिटल ऑफ इंडिया का अवार्ड भी मिला। यह अवार्ड पिछले साल भी भोपाल को मिला था। इस बार नए अवार्ड के रूप में सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में थर्ड पॉजिशन हासिल हुई है। इसमें निगम को 3 करोड़ रुपए मिलेंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल ने 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी रैंक हासिल की थी। 2019 में भोपाल खिसककर 19वें नंबर पर आ गया था। उस समय अफसरों के लगातार तबादले के कारण तैयारियों की दिशा ही तय नहीं हो पाई थीं, लेकिन 2020 में कमबैक करते हुए 12 पायदान ऊपर खिसका और 7वीं रैंक हासिल की। इस बार भी 7वां स्थान हासिल किया है।

- विकास दुबे

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