बुरहानपुर बना प्रेरणा
01-Aug-2022 12:00 AM 2949

 

जल जीवन मिशन के तहत मप्र के बुरहानपुर ने अपना झंडा गाड़ दिया है। बुरहानपुर देश का एकमात्र जिला है, जहां 100 फीसदी घरों में नल से जल पहुंच रहा है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत देश के 110 जिलों में प्राथमिकता के तौर पर नल से जल पहुंचाने का अभियान शुरू किया था, लेकिन इनमें से मात्र बुरहानपुर ने ही लक्ष्य को हासिल किया है। और आज देश के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

बुरहानपुर जिले के लोगों ने पेयजल के लिए हैंडपंप और कुएं जैसे पारंपरिक जलस्रोतों का इस्तेमाल लगभग बंद कर इन्हें अलविदा कह दिया है। अब जिले के प्रत्येक घर में नलों के माध्यम से पेयजल की सप्लाई हो रही है। यह सब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन से संभव हुआ है। हालांकि योजना के तहत घरों तक पेयजल पहुंचाने के लिए तय की गई मार्च 2021 की समय सीमा के अंदर न सिर्फ बुरहानपुर बल्कि मप्र पिछड़ गया है, लेकिन सबसे पहले लक्ष्य हासिल करने वाला बुरहानपुर पहला जिला बन गया है। जिले की करीब साढ़े 8 लाख की आबादी अब नलों के माध्यम से शुद्ध पानी पी रही है। योजना का क्रियान्वयन करने वाली एजेंसी लोक स्वास्थ्य एवं यात्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना का 80 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। शेष बचा 20 फीसदी काम भी माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। जहां टंकियों का निर्माण अधूरा है उन गांवों में सीधे सप्लाई शुरू कर दी गई है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में 200 से ज्यादा गांव हैं। इनमें से करीब 60 फीसदी में पहले से 156 नल-जल योजनाएं संचालित थीं। इन्हें विस्तारित कर छूटे फाल्याओं तक पानी पहुंचाया गया है। शेष 40 फीसदी गांवों में 58 नई नल-जल योजनाएं स्थापित की गई हैं। इनमें 53 टंकियों का निर्माण किया जा चुका है। 20 टंकियों का निर्माण कार्य जारी है। योजना के तहत करीब 42 हजार घरों में नल कनेक्शन देकर पेयजल पहुंचाया गया है। कुछ दिन पहले ही सामने आए आंकड़ों में नल-जल योजना के तहत बुरहानपुर जिला पूरे देश में नंबर वन बना था। बुरहानपुर में 254 गांवों में नल-जल योजना के तहत पानी पहुंचाया गया है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम बड़े नेताओं ने बुरहानपुर जिले को बधाई दी थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बुरहानपुर को बधाई दी थी। नल-जल योजना के तहत बुरहानपुर में साल 2019 में काम शुरू हुआ था। उसी राह पर अब प्रदेश के कई और जिलों में काम शुरू हुआ है।

नल-जल योजनाओं का 3 माह तक ठेकेदार ट्रायल के तौर पर संचालन करेगा। इसके बाद की जिम्मेदारी हर पंचायत में बनी ग्राम जल स्वच्छता समिति को सौंप दिया जाएगा। इन समितियों द्वारा ही नागरिकों से बिल वसूली, बिजली बिल का भुगतान और मेंटेनेंस आदि किया जाएगा। शासन स्तर पर प्रत्येक नल कनेक्शन पर न्यूनतम 60 रुपए मासिक शुल्क तय किया गया है। इन समितियों के सदस्यों को एनजीओ के माध्यम से संचालन, संधारण संबंधी प्रशिक्षण भी दिलाया जा रहा है।

नल जल योजना में बुरहानपुर पूरे देश में अव्वल आया है। इसके बाद अब कई और शहरों को भी इसी सूची में शामिल करने की कवायद की जा रही है। प्रदेश में हर घर जल योजना में तेजी के मकसद से जल जीवन मिशन के तहत 46 करोड़ 45 लाख से ज्यादा की राशि मंजूर की गई है। ये राशि 6 जिलों के लिए है। इनमें धार, खरगोन, झाबुआ, बैतूल, नरसिंहपुर, कटनी जिले के ग्रामीण इलाके शामिल हैं। पीएचई विभाग की ओर से जारी की गई इस राशि से ग्रामीण परिवारों को पानी सप्लाई करने के लिए नल कनेक्शन लगाए जाएंगे। मौजूदा वक्त में मप्र के 5,400 गांव ऐसे हैं जहां शत-प्रतिशत परिवारों को नल कनेक्शन से पानी की सप्लाई की जा चुकी है। 35 हजार से अधिक गांव की जल-प्रदाय योजनाओं के काम चल रहे हैं। पूरे प्रदेश की ग्रामीण आबादी के लिए 1 करोड़ 22 लाख परिवारों को नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाने के लक्ष्य में से अब तक 51 लाख 28 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को हर घर जल योजना के तहत पानी की सप्लाई की जा रही है।

देश के ज्यादातर हिस्सों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। इससे निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार हर घर जल योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अब मप्र का बुरहानपुर जिला देश का पहला हर घर जल वाला प्रमाणित जिला बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। दरअसल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि मप्र का बुरहानपुर देश का पहला हर घर जल (हर घर में पानी का कनेक्शन) प्रमाणित जिला बन गया है। इसे रिट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मप्र के बुरहानपुर जिले के लोगों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और यह लोगों के बीच सामूहिक भावना को पैदा करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बुरहानपुर की मेरी बहनों और भाइयों को बधाई। यह लोगों के बीच सामूहिक भावना और जल जीवन मिशन टीम और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के मिशन मोड प्रयासों के बिना संभव नहीं हो सकता था। वहीं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर बताया कि अगस्त 2019 में सिर्फ 37 प्रतिशत घरों में पानी की सुविधा थी, हर घर जल योजना पर जल जीवन मिशन टीम के किए गए कामों के कारण तीन साल से भी कम समय में इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। 

मप्र की सिर्फ 42 प्रतिशत ग्रामीण आबादी को ही पहुंच पाया लाभ

प्रदेश का बुरहानपुर जिला हर घर नल से जल उपलब्ध कराने वाला देश का पहला जिला भले ही बन गया है, लेकिन प्रदेश के बाकी हिस्से में 58 फीसदी ग्रामीण आबादी अभी स्वच्छ पेयजल से महरूम हैं। वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद से अब तक सिर्फ 42 फीसदी ग्रामीण आबादी को ही हर घर नल से स्वच्छ पेयजल नसीब हो सका है। सबसे बदहाल स्थिति पन्ना और सतना जिलों की है, जहां सिर्फ 16 और 19 फीसदी आबादी को ही नल से जल उपलब्ध हो पा रहा है। स्वच्छ पेयजल की सर्वाधिक कमी से जूझने वाले जिलों में छतरपुर, सिंगरौली, अलीराजपुर, भिंड और टीकमगढ़ जिले भी शामिल हैं, जहां सिर्फ 20 से 30 फीसदी आबादी ही जलजीवन मिशन में कवर हो सकी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की लोकसभा में एक सवाल के जवाब में सार्वजनिक किए गए हर घर नल से जल्द योजना के आंकड़ों के मुताबिक मप्र में कुल ग्रामीण परिवारों की संख्या 1 करोड़ 22 लाख 9 हजार 394 है। जिसमें से जुलाई 2022 तक 51 लाख 13 हजार 461 परिवारों को नल जल कनेक्शन दिए गए हैं। जबकि 70 लाख 95 हजार 933 परिवारों के घर तक पानी अभी नहीं पहुंच सका है।

- सिद्धार्थ पांडे

FIRST NAME LAST NAME MOBILE with Country Code EMAIL
SUBJECT/QUESTION/MESSAGE
© 2025 - All Rights Reserved - Akshnews | Hosted by SysNano Infotech | Version Yellow Loop 24.12.01 | Structured Data Test | ^