अनिश्चितकालीन लॉक
04-May-2020 12:00 AM 3547

 

कोरोना के कारण खेल जगत पर छाई अनिश्चितता का तुरंत कोई हल दिखाई नहीं दे रहा, बल्कि खेल प्रतियोगिताओं के भविष्य पर लगा यह ग्रहण गहराता जा रहा है। इसका असर ओलंपिक समेत कई बड़े खेल इवेंट पर पड़ा है। ज्यादातर खेल प्रतियोगिताएं, क्रिकेट सीरीज और फुटबॉल मैच या तो स्थगित कर दिए गए हैं या उन्हें रद्द किया जा चुका है। ओलंपिक अधिकारियों ने टोक्यो की सराहना अब तब के सबसे अच्छे मेजबान शहर के रूप में की थी लेकिन कोई भी कोरोना वायरस महामारी से निपटने की योजना नहीं बना सका, जिससे 2020 खेलों के अभूतपूर्व स्थगन के लिए मजबूर होना पड़ा। इस ओलंपिक का आयोजन अब 23 जुलाई 2021 से होगा। आयोजकों ने तैयारियों से सबका दिल जीता लेकिन वायरस के प्रकोप का खतरा पैदा होने से पहले कई बार इस पर संकट के बादल छाए। इस दौरान भ्रष्टाचार और बजट की गड़बड़ी के आरोपों का साया खेलों पर पड़ा।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। इस टी-20 टूर्नामेंट की शुरुआत इस साल 29 मार्च से होनी थी। लेकिन कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद इसे 15 अप्रैल तक टाल दिया गया। लेकिन अब लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ जाने के चलते बीसीसीआई ने ऐलान किया है कि फिलहाल आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक बोर्ड ने आईपीएल से जुड़े आठों फे्रंचाइजीज को अपने फैसले की सूचना भेज दी है।

यह भी संभावना जताई जा रही है कि अब बोर्ड सितंबर-अक्टूबर में इसका आयोजन करने की सोच सकता है। लेकिन जानकारों के मुताबिक इस पर वैश्विक हालात को देखते हुए फैसला किया जाएगा। वैसे बीसीसीआई के मुखिया सौरव गांगुली इस संभावना को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना था कि दुनिया की सभी टीमों का टुअर प्रोग्राम बना हुआ है और इसे बदला नहीं जा सकता। कोरोना वायरस के चलते कई खेल आयोजन स्थगित या रद्द हो चुके हैं। जुलाई में होने वाला टोक्यो ओलंपिक एक साल के लिए टल गया है। विंबलडन को इस साल रद्द कर दिया गया है जबकि मई में होने वाले फे्रंच ओपन को फिलहाल टाल दिया गया है। कोविड-19 के प्रभाव के चलते बीसीसीआई ने ईरानी कप, सीनियर महिला वनडे नॉक-आउट, विज्जी ट्रॉफी, महिला वनडे चैलेंजर्स, महिला अंडर-19 नॉक आउट, महिला अंडर-10 टी-20 लीग, सुपर लीग और अन्य घरेलू टूर्नामेंट फिलहाल टाल दिए गए हैं। इसके अलावा महिला अंडर-19 टी-20 चैलेंजर ट्रॉफी, महिला अंडर 23 नॉक-आउट, महिला अंडर 23 वनडे चैलेंजर के सभी मैचों को अगली सूचना तक रोक दिया गया है।

'सर्वोत्तम तैयारी’ से स्थगन तक

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने गत दिनों आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाक से चर्चा कर इन खेलों को अगले साल तक टालने का फैसला कर लिया। सितंबर 2013 में टोक्यो को आईओसी ने ओलंपिक की मेजबानी सौंपी जिसके बाद जापान के हजारों लोग खुशी से झूम उठे। प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने वादा किया कि टोक्यो सुरक्षित हाथों में है। 2015 में ओलंपिक के लिए सबसे महंगे स्टेडियम के कारण आलोचना झेलने के बाद आबे को राष्ट्रीय स्टेडियम के खाके को रद्द करना पड़ा जिससे उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'मैंने फैसला किया है कि हमें फिर से इसका खाका तैयार करना होगा। सितंबर 2015 में चोरी का आरोप लगने के बाद इसके प्रतीक चिन्ह को रद्द कर दिया गया। डिजाइनर ओलिवियर डेबी ने आरोप लगाया कि इसका लोगो बेल्जियम के थिएटर से चुराया गया है। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जिसके बाद आयोजन समिति ने यह कहते हुए प्रतीक चिन्ह को वापस ले लिया कि जनता को इसका समर्थन हासिल नहीं है। 2018 में प्रतीक चिन्ह में हुई चूक के बाद स्कूली बच्चों द्वारा चुने गए ओलंपिक और पैरालिंपिक के ओलंपिक शुभंकर 'मिराटोवा’ का सही तरीके से जारी होने से आयोजन समिति ने राहत की सांस ली। इसी साल एक अभूतपूर्व कदम के तहत अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने विभिन्न आरोपों के साथ खेलों में मुक्केबाजी प्रतियोगिता के संचालन का अधिकार एआईबीए से वापस ले लिया। बाद में हालांकि आईओसी ने खुद ही मुक्केबाजी टूर्नामेंट का आयोजन करने की बात कही।

-आशीष नेमा

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