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आईपीएल में हो सकते हैं बदलाव

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अगले सत्र के लिए खिलाडिय़ों की नीलामी 19 दिसंबर को कोलकाता में होगी। आईपीएल की संचालन परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है। हर साल अप्रैल-मई में होने वाले आईपीएल के लिए खिलाडिय़ों की नीलामी पहली बार कोलकाता में हो रही है। यह शहर शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स का घरेलू मैदान है। पहले यह बेंगलुरू में होती थी। हर फे्रंचाइजी को 2019 सत्र में 82 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जो 2020 सत्र में बढ़कर प्रति टीम 85 करोड़ रुपए हो गए हैं। इसके अतिरिक्त तीन करोड़ रुपए हर टीम के पास होंगे।
(आईपीएल) को और रोचक बनाने के लिए लीग में जल्द ही पावर प्लेयर का कान्सेप्ट देखने को मिल सकता है। इसके तहत टीमें 11 नहीं, बल्कि 15 खिलाडिय़ों को मैदान पर उतार सकती हैं। इनमें से कोई भी खिलाड़ी, किसी भी दूसरे खिलाड़ी को मैच के किसी भी मोड़ पर रिप्लेस कर सकता है। आम तौर पर टीमें कोई विकेट गिरने या ओवर खत्म होने पर किसी खिलाड़ी को सब्सिट्यूट कर सकती हैं। हाल में यह नियम बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा गया है, जिन्हें ये पसंद आया है। अभी इस कान्सेप्ट को आईपीएल की गवर्निंग बाडी के सामने रखा जाना बाकी है। अगर इस नियम पर बात बन गई तो अगले सीजन से ही ये नियम लागू हो सकता है।
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इस नियम को समझाते हुए बताया अगर ये नियम लागू हुआ तो टीमें मैच से पहले प्लेइंग-11 नहीं, बल्कि प्लेइंग-15 की घोषणा किया करेंगी। अब जरा सोचिए कि किसी टीम को आखिरी ओवर में 20 रन बनाने हैं। 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर कोई विकेट गिरता है और वो टीम आखिरी ओवर खेलने के लिए आंद्रे रसेल को उतार देती है, जिन्होंने अब तक मैच में कोई गेंद ना तो फेंकी है, ना खेली है। रसेल आकर मैच जिता देते हैं। ये बेहद रोमांचक होगा।
साथ ही आईपीएल संचालन परिषद पहली बार ‘नो बॉल’ के लिए विशेष अंपायर रखने की सोच रही है, क्योंकि अतीत में कई विवादित फैसलों के कारण भारतीय मैच अधिकारियों के स्तर को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसा समझा जाता है कि आईपीएल मैचों के दौरान ‘पावरप्लेयर’ सब्स्टीट्यूशन भी फिलहाल शुरू नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इसका ट्रायल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी राष्ट्रीय टी20 चेम्पियनशिप में नहीं हो सकेगा।
पूर्व टेस्ट बल्लेबाज बृजेश पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में एफटीपी विंडो, विदेशी खिलाडिय़ों की उपलब्धता, भारतीय टीम का एफटीपी और फे्रंचाइजी के विदेश में दोस्ताना मैच खेलने की संभावनाओं पर बात हुई। गवर्निंग काउंसिल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, अगर सबकुछ ठीक रहता है तो आईपीएल के अगले संस्करण से नो बॉल चेक करने के लिए दो नियमित अंपायरों के अलावा एक अतिरिक्त अंपायर देखने को मिल सकता है। आईपीएल संचालन परिषद की पहली बैठक में इस पर बात हुई है।
इंडियन प्रीमियर लीग के 2020 के संस्करण में एक अतिरिक्त टीवी अंपायर नो बॉल पर नजर रखेगा। उन्होंने कहा, ”हम तकनीक का इस्तेमाल करना चाहते हैं। केवल नो बॉल की निगरानी करने के लिए हमारे पास अंपायर है। यहां भी एक अंपायर होगा, जोकि केवल नो बॉल पर ध्यान रखेगा और फिर थर्ड और फोर्थ अंपायर नहीं होगा। पिछले आईपीएल में नो बॉल के कई फैसलों पर विवाद हुआ था। भारतीय कप्तान विराट कोहली की भारतीय अंपायर एस रवि से बहस भी हो गई थी जो एक आईपीएल मैच के दौरान मुंबई इंडियंस के लसिथ मलिंगा की नो बॉल नहीं पकड़ सके जिससे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर वह मैच हार गई। चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली ने 2019 के सत्र में नो बॉल को लेकर हुई गलतियों पर खासी आपत्ति जताई थी। विराट ने यहां तक कहा था कि यह आईपीएल है, कोई क्लब स्तर का टूर्नामेंट नहीं जबकि धोनी लेग स्क्वायर अंपायर द्वारा नो बॉल का फैसला बदले जाने पर अपना आपा खो बैठे थे और मैदान में घुसकर अंपायर से बहस करने लगे थे। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी संस्करणों में संभवत: पहले की तरह रंगारंग उद्घाटन समारोह नहीं होंगे। बीसीसीआई ने इसे फिजूलखर्ची बताया है। इसके लिए निर्धारित रकम किसी नेक काम पर खर्च की जाएगी। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने उद्घाटन समारोह पर होने वाले खर्च को फिजूलखर्ची या पैसे की बर्बादी बताया। उन्होंने कहा, आईपीएल की ओपनिंग सेरमनी फिजूलखर्ची है।
आईपीएल-2020 की नीलामी पूर्व टीमों के पास शेष राशि
चेन्नई सुपरकिंग्स : 3.2 करोड़
दिल्ली कैपिटल्स : 7.7 करोड़
किंग्सइलेवन पंजाब : 3.7 करोड़
कोलकाता नाइट राइडर्स : 6.05 करोड़
मुंबई इंडियंस : 3.55 करोड़
राजस्थान रॉयल्स : 7.15 करोड़
रॉयल चैलेंजर्स बंग्लुरू : 1.80 करोड़
सनराइजर्स हैदराबाद : 5.30 करोड़
– आशीष नेमा