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दोतरफा किलाबंदी

दिल्ली में दूसरी बार सरकार बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल रोज नए-नए दांव चल रहे हैं। उन्होंने इसके लिए घोषणाओं का अंबार लगाना शुरू कर दिया है। आप की सक्रियता के आगे फिलहाल सभी फेल हैं। दिल्ली में विधानसभा चुनाव का ऐलान अभी नहीं हुआ है लेकिन सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में पिछले 5 महीने से चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है। पांच महीने ऐसे कि मई के महीने में लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने के एकदम अगले ही दिन आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी में जुट गई थी और उसने ‘दिल्ली में तो केजरीवालÓ कैंपेन शुरू कर दिया था। खास बात यह है कि पार्टी चुनावों के लिए दो तरफा किलाबंदी की है। एक है पार्टी स्तर की, तो दूसरी सरकार स्तर की।
पार्टी स्तर की किलाबंदी में आम आदमी पार्टी एक रणनीति के तहत कांग्रेस और बीजेपी के मजबूत नेताओं को अपने साथ लाने में जुटी हुई है। आम आदमी पार्टी के पास जिन सीटों पर विधायक या उम्मीदवार नहीं है या फिर पार्टी के सर्वे में जिन सीटों पर पार्टी के मौजूदा विधायकों के प्रति जनता में नाराजगी है उन सीटों के लिए आम आदमी पार्टी दूसरी पार्टी के मजबूत नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है।
आम आदमी पार्टी ने अपनी चांदनी चौक की विधायक अलका लांबा को पार्टी से निष्कासित कर दिया जिसके बाद यह सीट आम आदमी पार्टी के लिए खाली हो गई थी। आम आदमी पार्टी ने चार बार चांदनी चौक के विधायक रह चुके कांग्रेस नेता प्रहलाद सिंह साहनी को पार्टी में जगह दी। साहनी केवल 2015 का विधानसभा चुनाव हारे। इनकी इलाके में अच्छी पकड़ मानी जाती है। चांदनी चौक विधानसभा सीट से प्रहलाद सिंह साहनी का आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लडऩा तय माना जा रहा है। सुरेंद्र कुमार ने पिछले दिनों आम आदमी पार्टी का दामन थामा है। सुरेंद्र कुमार 2008 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर पहली बार गोकुलपुर से चुनाव जीते थे। जबकि 2013 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 32,966 के साथ दूसरे नंबर पर रहे। 2015 का विधानसभा चुनाव सुरेंद्र कुमार ने बीएसपी के टिकट पर लड़ा और 30,080 वोटों के साथ वो तीसरे नंबर पर रहे। साफ है कि सुरेंद्र कुमार गोकुलपुर के मजबूत नेता हैं जो आप मे आने से पहले बीजेपी में थे। सुरेंद्र कुमार की पार्टी में एंट्री से माना जा रहा है कि मौजूदा विधायक फतेह सिंह का टिकट कर सकता है और सुरेंद्र सिंह गोकुलपुर से आप के उम्मीदवार बन सकते हैं।
धनवती चंदेला अगस्त महीने में आम आदमी पार्टी में शामिल हुई हैं। धनवती चंदेला राजौरी गार्डन क्षेत्र से तीन बार कांग्रेस पार्षद रह चुकी हैं। चंदेला के पति दयानंद चंदेला 2008 से 2013 तक इस इलाके के कांग्रेस विधायक रहे। 2015 के चुनावों में यह सीट आम आदमी पार्टी ने जीत ली थी लेकिन जरनैल सिंह के इस्तीफा देने के बाद वह उपचुनावों में इस सीट पर आम आदमी पार्टी उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई जबकि धनवती चंदेला की बहू कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी चंदेला 25,950 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। इसलिए यह तय माना जा जा रहा है कि राजौरी गार्डन से आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार चंदेला परिवार से ही होगा।
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार बीते 5 महीने से लगातार ऐसे फैसले ले रही है या ऐलान कर रही है जिसको सीधा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। दिल्ली में 14 लाख से ज्यादा परिवार इस समय केजरीवाल सरकार की मुफ्त बिजली योजना का फायदा उठा रहे हैं। माना जा रहा है कि सर्दियों के मौसम में जिस समय दिल्ली में चुनाव चल रहे होंगे उस समय लगभग आधी दिल्ली मुफ्त बिजली योजना का फायदा उठा रही होगी। अगस्त महीने में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि जो भी परिवार महीने में 200 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करेगा उसका बिजली बिल शून्य हो जाएगा। जिसके बाद अभी सितंबर महीने के आंकड़ों के मुताबिक 28 फीसदी ग्राहक को का बिजली बिल शून्य आया है। दिल्ली में रह रहे किराएदार अब अपना बिजली का मीटर अलग से लगा सकते हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इस योजना का ऐलान करते हुए बताया कि यह एक प्रीपेड मीटर होगा जिसके तहत बिजली के रेट वही होंगे जो बाकी बिजली ग्राहक चुका रहे हैं। यानी 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त और 400 यूनिट तक 50 फीसदी की सब्सिडी। अभी तक हो ये रहा था कि मकान मालिक किराएदार से 8 से 10 रुपए प्रति यूनिट बिजली की कीमत वसूल रहे थे क्योंकि मकान मालिक का कहना था कि ज्यादा बिजली इस्तेमाल होने पर उनको किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं मिल पाती थी इसलिए किराएदार को भी किसी भी तरह का फायदा नहीं मिल सकता। लेकिन आप किराएदार अपना अलग प्रीपेड मीटर लगा कर मुफ्त या सस्ती बिजली का फायदा उठा पाएंगे।
महिलाओं के लिए मुफ्त सफर
29 अक्टूबर यानी भाई दूज के दिन से दिल्ली में महिलाओं के लिए डीटीसी और क्लस्टर बसों में सफर मुफ़्त हो गया है। इससे निचले तबके और मिडिल क्लास की कामकाजी महिलाओं को तो फायदा होगा ही साथ ही स्कूल या कॉलेज जाने वाली छात्राओं को भी फायदा होगा। बसों में सफर करने वाली महिलाएं इस योजना से बेहद खुश हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर के साथ दिल्ली मेट्रो में भी मुफ्त सफर का ऐलान किया था लेकिन मेट्रो में मुफ्त सफर का प्लान अभी फंसा हुआ है। तीर्थ यात्रा योजना के तहत दिल्ली की केजरीवाल सरकार बुजुर्गों को पूरी तरह से मुफ्त तीर्थ यात्रा करवा रही है। अभी तक इस योजना के तहत दिल्ली के 14,000 बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करवाई जा चुकी है। माता वैष्णो देवी, उज्जैन महाकाल, अमृतसर स्वर्ण मंदिर, रामेश्वरम आदि जैसे 12 तीर्थ स्थानों पर दिल्ली के लोग यात्रा कर चुके हैं।
– ऋतेन्द्र माथुर