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निवेश पर फोकस

मप्र में औद्योगिक विकास के नाम पर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के 15 साल के शासनकाल के दौरान जो दाग (इन्वेस्टर समिट के नाम पर अपव्यय, जमीनों की बदरबांट, उद्योगपतियों को धोखा, बेरोजगारों के साथ छलावा) लगे हैं उसे 18 अक्टूबर को इंदौर में आयोजित मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में धोकर मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश में विकास का नया मॉडल देंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री ने इस बार उन्हीं 500 कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया है, जो वास्तव में प्रदेश में निवेश की इच्छुक हैं। इसलिए सिर्फ इन्हीं कंपनियों को समिट का न्योता भेजा गया है। लघु-मध्यम उद्योगों के लिए अलग से कोई दिन नहीं रखा गया है। मुख्यमंत्री एक ही दिन में कंपनियों के प्रमुखों से वन-टू-वन चर्चा कर निवेश की घोषणा करेंगे।
दरअसल, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2007 से 2016 तक 12 इन्वेस्टर समिट करवाए। इन सभी बारह इन्वेस्टर समिट में 6821 निवेश के प्रस्ताव आए। इन प्रस्तावों के हिसाब से 17 लाख 49 हजार 739 करोड़ के निवेश का दावा किया गया लेकिन हकीकत में 50 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट ही प्रदेश की जमीन पर उतर पाया। इसका असर यह हुआ कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ती गई। लेकिन अब कमलनाथ सरकार शिव ‘राजÓ की गलतियों से सीख लेते हुए प्रदेश में औद्योगिक विकास की ओर कदम बढ़ाने जा रही है।
गौरतलब है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस बार मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश के नाम से होगी। इसे तीन दिन की जगह केवल एक दिन 18 अक्टूबर को ही रखा गया है। इसी दिन मुख्य आयोजन इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगा। देश के बड़े औद्योगिक घरानों में अंबानी, अडानी और कुमार मंगलम बिड़ला सहित प्रदेश में मौजूद ट्राइडेंट, नाहर समूह, किर्लोस्कर, फिरोदिया एवं ब्रिजस्टोन टायर्स के संचालकों सहित अन्य उद्योगपतियों को भी न्यौता भेजा जा रहा है। इन्फोसिस के फाउंडर नारायणमूर्ति के भी आने की संभावना है। इस बार केवल आमंत्रितों को ही समिट में शामिल होने दिया जाएगा। समिट में कोई करार नहीं होगा, मंच से निवेश की घोषणा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक 17 अक्टूबर को प्रदेश सरकार और सीआईआई की ओर से डिनर रखा गया है। इस डिनर में अंबानी सहित कॉर्पोरेट वल्र्ड की कई नामी हस्तियां शिरकत करेंगी।
गौरतलब है कि अभी तक जितनी भी समिट हुई हैं उनमें केवल दिखावा हुआ है। पिछली समिटस दो या तीन दिन चली थी, लेकिन इस बार एक ही दिन मुख्य आयोजन रखा गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बार ठोस नतीजों के लिए समिट को बदले रूप में कर रहे हैं। समिट में निवेशकों की भीड़ जुटाने के बजाय चुनिंदा औद्योगिक घरानों और निवेशकों पर फोकस रहेगा। विभागीय सूत्रों का दावा है कि कमलनाथ सरकार की इस पहली इन्वेस्टर्स मीट को लेकर सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। साथ ही प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को प्रोग्रेसिव व उद्योग अनुकूल के रूप में पेश किया जाएगा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर जोर रहेगा। निवेशकों को दी जाने वाली सुविधाओं का ब्योरा देने के लिए आकर्षक ब्रोशर और बुक्स प्रकाशित कराने के बजाय सारी जानकारियां डिजिटल स्वरूप में निवेशकों को पैन ड्राइव के रूप में दी जाएंगी। कार्यक्रम स्थल पर निवेशकों को दिखाने के लिए मध्यप्रदेश में मौजूद बड़े उद्योगों के प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिससे यहां के औद्योगिक माहौल की झलक मिल सके। मुख्य रूप से आठ सेक्टरों पर फोकस किया जा रहा है।
मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने, वर्तमान इकाइयों का विस्तार करने पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार मैग्नीफिसेंट एमपी में देश-विदेश के उन चुनिंदा औद्योगिक
घरानों को आमंत्रित किया जाएगा, जो 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने के इच्छुक हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ उद्योगपतियों से सीधा संवाद कर चुके हैं। मैग्नीफिसेंट एमपी में प्रश्र-उत्तर में उद्योगपतियों से मुख्यमंत्री खुद रूबरू होकर यह जानेंगे कि निवेशकों को सरकार से किस तरह के सहयोग की जरूरत है।
– राजेश बोरकर