pados

परमाणु धमकी

अमेरिका के पास दशकों से ऐसे परमाणु हथियार हैं जो इतनी भयानक तबाही कर सकते हैं कि धरती का कोई हिस्सा इंसान के रहने लायक भी न रह जाए। अमेरिका के हथियारों का जखीरा ब्रिटेन के मुकाबले इकत्तीस गुना और चीन के मुकाबले छब्बीस गुना बड़ा है। वाशिंगटन स्थित संस्था- आम्र्स कंट्रोल एसोसिएशन की हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार केवल रूस ही है जो परमाणु शक्ति के मामले में फिलहाल अमेरिका से आगे है। अमेरिका के पास कुल छह हजार आठ सौ परमाणु हथियार हैं जबकि रूस के पास सात हजार ऐसे हथियार हैं। अमेरिका और रूस दो ऐसे देश हैं जिनके पास परमाणु हमले के लिए जरूरत से ज्यादा हथियार हैं। दोनों के पास दुनिया में मौजूद कुल परमाणु हथियारों का नब्बे फीसदी हिस्सा है। इस सूची में तीन सौ परमाणु हथियारों के साथ फ्रांस तीसरे नंबर पर है।
पूर्व में ऐसे हथियार केवल प्रतिरोधक उपायों के तौर पर देखे जाते थे। लेकिन सबसे खतरनाक बात ऐसे हथियारों की सामग्री की बढ़ती खोज है, जिससे परमाणु युद्ध का नया खतरा सामने आ गया है। इस कारण परमाणु हथियारों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पाकिस्तान हमेशा भारत को परमाणु युद्ध के लिए उकसाता रहा है। इसके लिए दोनों देश कम से कम पांच बार परमाणु युद्ध के कगार पर पहुंच चुके थे। परमाणु हथियारों के युग में भारत की शुरुआत 1974 में हुई थी। इसके बाद 1998 में भारत ने दूसरी बार परमाणु परीक्षण किया था। इस समय भारत-पाक के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तान परमाणु युद्ध की धमकी तक दे चुका है। रक्षा विशेषज्ञ भी आशंका जताते रहे हैं कि यदि भारत पाकिस्तान पर कोई कठोर सैनिक कार्रवाई करता है तो यह स्थिति पूर्णकालिक युद्ध का रूप ले सकती है। इसका अंत एक भयानक परमाणु युद्ध में हो सकता है।
आज के जमाने में परमाणु युद्ध की क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है, इसका अंदाज लगाना बहुत मुश्किल है। इस समय दोनों देशों के बीच काफी तनाव है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि युद्ध होगा ही। अगर गलती से भी ऐसा होता है तो इसका परिणाम बहुत भयानक होगा। परमाणु युद्ध से होने वाली तबाही का मंजर कितना भयानक होगा, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। फिर भी माना जाता है कि परमाणु हमला हफ्ते भर में दो करोड़ से ज्यादा लोगों को मार देगा। इनमें से पचास लाख से ज्यादा लोग बम की तपिश से ही झुलस जाएंगे। आधी दुनिया के दो अरब से ज्यादा लोग सिर्फ भूख से मर जाएंगे। जो बचेंगे वे विकिरणों की मार से मर जाएंगे।
यह आंकड़ा दूसरे विश्व युद्ध में मारे गए लोगों की तादाद के मुकाबले आधी है। इतना ही नहीं, मौत का ये आंकड़ा हिंदुस्तान में पिछले दस सालों में आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों, पुलिस, जवान और सुरक्षा बलों की कुल तादाद से दो हजार दो सौ इक्कीस गुना ज्यादा होगी। ओजोन की आधी परत खत्म हो जाएगी। दुनिया से सर्दी-गर्मी का मौसम खत्म हो जाएगा। इतना ही नहीं, धरती के बड़े हिस्से से वनस्पति और जीव-जंतु भी साफ हो जाएंगे। इससे दुनिया में भुखमरी फैलेगी सो अलग। भुखमरी ही अरबों लोगों की मौत का कारण बनेगी। ये आंकड़े 2013 में भौतिक वैज्ञानिकों के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने परमाणु युद्ध रोकने के लिए किए गए एक अध्ययन के बाद जारी किए थे। बात सिर्फ हिंदुस्तान और पाकिस्तान की नहीं, दांव पर आधी दुनिया होगी। भारत और पाकिस्तान के पास जो परमाणु बम हैं वे हिरोशिमा पर गिराए गए बम के बराबर हैं। ये बम जैसे ही गिरेंगे सबसे पहले इनकी गर्मी, तपिश और विकिरण लोगों की जान ले लेंगे। इसके बाद जो बच जाएंगे उनके लिए भी जीना आसान नहीं होगा।
– संजय शुक्ला