indore

2023 में दौड़ेगी मेट्रो

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 14 सितम्बर को एमआर-10 स्थित कुमेर्डी में इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। 2023 तक इंदौर मेट्रो का पहला चरण पूरा करने का दावा किया गया है, जिस पर साढ़े 7 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। पिछले दिनों ही केन्द्र सरकार ने इंदौर और भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी भी दी। इंदौर मेट्रो का पहला चरण 31.5 किमी का रहेगा। कई सालों से इंदौर में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को अमल में लाने के दावे केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा किए जाते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इंदौर-भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने की बात कहते रहे। वहीं इसका श्रेय प्रदेश की कमलनाथ सरकार को चला गया। आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। भोपाल से पहले इंदौर मेट्रो का शिलान्यास हुआ है।
इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के पहले चरण की लागत लगभग 7500 करोड़ रुपए है। यह प्रोजेक्ट एयरपोर्ट से शुरू होकर सुपर कॉरिडोर, एमआर-10 ब्रिज कुमेड़ी, चंद्रगुप्त चौराहा, सुखलिया, विजय नगर, रेडिसन चौराहा, रिंग रोड, बंगाली चौराहा, पलासिया, हाई कोर्ट, रीगल तिराहा, कोठारी मार्केट, राजवाड़ा होते हुए बड़ा गणपति, कालानी नगर और वापस एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। इस तरह लगभग 31.5 किलोमीटर का यह रूट एक रिंग बनाएगा। इसमें 29 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिसमें छह स्टेशन अंडरग्राउंड हैं। इस रूट का काम लगभग चार साल में पूरा होगा। इसमें गांधी नगर से इंदौर रेलवे स्टेशन के एलिवेटेड सेक्शन का कार्य 31 दिसंबर 2022 तक पूरा होगा, जबकि रेलवे स्टेशन से गांधी नगर तक अंडरग्राउंड सेक्शन का कार्य 31 जुलाई 2023 तक पूरा होगा। डिपो लाइन का कार्य 28 फरवरी 2023 तक और सिस्टम लाइन का कार्य 31 अगस्त 2023 तक पूरा होगा।
अभी एमआर-10 ब्रिज से मेट्रो का काम शुरू हुआ है, जिसमें मिट्टी परीक्षण सहित अन्य कार्य चल रहे हैं। यहां से चंद्रगुप्त चौराहा, सुखलिया, विजय नगर, रेडिसन चौराहा, रिंग रोड, बंगाली चौराहा, पलासिया, हाईकोर्ट, रीगल, कोठारी मार्केट, राजबाड़ा होते हुए बड़ा गणपति व कालानी नगर से एयरपोर्ट तक का रूट पहले चरण में तैयार किया जाना है, जिसमें 6 स्टेशन अंडरग्राउंड रहेंगे, वहीं 24 जमीन पर बनेंगे। पहले चरण पर साढ़े 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके एक हिस्से का काम पूर्व शिवराज सरकार ने दिलीप बिल्डकॉन को सौंपा है। एमआर-10 पर शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर रवाना हुए, जहां पहले वे सीआईआई द्वारा आयोजित लीडरशिप कॉन्क्लेव में शामिल हो रहे हैं, जिसमें उद्योग जगत से जुड़ी कई हस्तियां मौजूद रहीं। तत्पश्चात 12 बजे से इंदौर मेट्रो को लेकर आयोजन शुरू हुआ।
2 दशक से मेट्रो को लेकर हवाई ट्रेन के प्रोजेक्ट बनाए जाते रहे। कई मर्तबा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर स्व. बाबूलाल गौर ने भी इंदौर-भोपाल मेट्रो की पहल की और उसे जल्द शुरू करने के दावे किए। जब मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया, उसके पहले भाजपा महासचिव व पूर्व काबिना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बयान दिया कि मेट्रो प्रोजेक्ट भाजपा शासन के कार्यकाल में बना। कमलनाथ तो सिर्फ शिलान्यास कर रहे हैं। वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री जयवर्धन ने ट्वीट किया कि 2011 में जब कमलनाथ केन्द्र में नगरीय प्रशासन मंत्री थे तब इंदौर मेट्रो की डीपीआर तैयार करवाई थी।
-विकास दुबे