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जातीय समीकरण

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति फैक्टर हमेशा से अहम माना जाता रहा है। इसकी अहमियत सरकार के मंत्रिमंडल में भी दिखाई देती है। 21 अगस्त को योगी सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार हुआ जिसमें 23 मंत्रियों ने शपथ ली। इस दौरान 6 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 11 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली। इसमें जातिगत व क्षेत्रीय समीकरणों को पूरी तरजीह दी गई। जिन्होंने शपथ ली उन 23 मंत्रियों में से 6 ब्राह्मण, 2 क्षत्रिय, 2 जाट, 1 गुर्जर, 3 दलित, 2 कुर्मी, 1 राजभर, 1 गडरिया, 3 वैश्य, 1 शाक्य और 1 मल्लाह हैं। कैबिनेट विस्तार के जरिए सर्वण, ओबीसी के साथ-साथ दलित वर्ग का भी ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिलाकर मंत्रिमंडल में अब 56 सदस्य हो गए हैं। शपथ लेने वाले कुल 23 लोगों में 18 चेहरे नए हैं।
सीएम योगी ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे चार मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के तौर पर प्रमोट किया है। इसमें ग्राम विकास मंत्री डा. महेंद्र सिंह, गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर के अलावा दो नए चेहरों राम नरेश अग्निहोत्री और कमला रानी वरुण को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर शपथ दिलाई गई। स्वतंत्र प्रभार वालों में डॉ. नीलकंठ तिवारी, कपिल देव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, एमएलसी अशोक कटारिया, श्रीराम चौहान, रवींद्र जायसवाल शामिल हैं। राज्यमंत्री बनने वालों में अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, विजय कश्यप, डा. गिर्राज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय रमाशंकर सिंह पटेल और अजीत सिंह पाल प्रमुख हैं। इनमें से अधिकतर नए चेहरे जो पहली बार मंत्री बने हैं।
पिछले कई दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि मिर्जापुर सांसद व अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल को केंद्र में मंत्रालय न मिलने के बाद उनके पति और एमएलसी आशीष पटेल को योगी सरकार में मंत्रालय दिया जाएगा लेकिन ये कयास भी धरे रह गए। उन्हें कोई मंत्रालय नहीं मिला। कुर्मी वोटर्स को ध्यान में रखते हुए मिर्जापुर के मडि़हान से बीजेपी विधायक रमाशंकर सिंह पटेल को राज्यमंत्री बनाया गया है। वहीं रक्षा मंत्री व यूपी के पूर्व सीएम राजनाथ सिंह के पुत्र व नोएडा विधायक पंकज सिंह को भी कैबिनेट विस्तार में जगह मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। युवा नेता पंकज को इस बार भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई। वहीं कयास ये भी लगाए जा रहे थे कि राज्यमंत्री स्वाति सिंह इस्तीफा दे सकती हैं लेकिन उन्होंने नहीं दिया।
पीएम नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट वाराणसी के भाजपा विधायकों को मंत्रिमंडल विस्तार में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अब वाराणसी से योगी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या तीन हो गई है। इसमें शहर उत्तरी से दो बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रवींद्र जायसवाल को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है तो यहीं से राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे अनिल राजभर का प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। अनिल राजभर शिवपुर क्षेत्र से विधायक हैं। भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर द्वारा मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद से उनका विभाग विकलांग और पिछड़ा वर्ग को भी देख रहे थे। वहीं, दूसरी ओर डॉ. नीलकंठ तिवारी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ दिलाई गई है। वाराणसी दक्षिणी से विधायक डॉ. तिवारी अभी तक विधि न्याय, युवा कल्याण, खेल एवं सूचना राज्य मंत्री थे।
योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार से महज एक दिन पहले चार मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। इनमें वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल तथा भूतत्व एवं खनिकर्म राज्यमंत्री अर्चना पांडेय शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो तमाम शिकायतें व परफॉमेंस को ध्यान में रखते हुए इनको इस्तीफा देने के लिए बोला गया था। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
-मधु आलोक निगम