नेशनल अवॉर्ड अनाउंसमेंट पर उठे सवाल

हाल ही में 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा हुई है। तुम्बाड, लव सोनिया, गली गुलियां, मंटो और मुल्क जैसी फिल्मों को इस साल इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड पाने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, मगर इनमें से किसी के भी नाम का ऐलान नहीं किया गया। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर सरगर्मी छाई हुई है। अनाउंसमेंट करने वाली जूरी के विवेक पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस बारे में हमने इन पुरस्कारों पर सवाल उठाने वाले कुछ फिल्मकारों से उनकी राय जानने की कोशिश की। कंटेंट और विजुअल्स के दम पर देश-विदेश के फेस्टिवल सर्किट में झंडे गाड़ चुकी फिल्म तुम्बाड के मेकर और हीरो सोहम शाह कहते हैं, अवॉर्ड मिलता है तो अच्छा लगता है। जिन फिल्मों को मिला है, उनके लिए खुशी हो रही है। हासिल न करने वालों के लिए भी कोई बात नहीं है।