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नया उत्साह

लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में एक बार फिर भगवा फहराने की संभावना बढ़ गई है। हालिया लोकसभा चुनाव में राज्य की 226 विधानसभा सीटों पर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बढ़त मिली है, जबकि विपक्षी कांग्रेस-राकांपा गठबंधन ने 56 सीटों पर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन से ज्यादा वोट हासिल किए हंै। छह सीटों पर अन्य को बढ़त मिली है। लोकसभा के चुनाव में विधानसभाओं में मिली बढ़त से बीजेपी-शिवेसना खेमा उत्साहित है, वहीं कांग्रेस-राकांपा महागठबंधन में निराशा छाई है। कांग्रेस में अभी इस्तीफों का दौर चल रहा है।
महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन और कांग्रेस-राकांपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। इन चुनावों में बीजेपी ने 23, शिवसेना ने 18, राकांपा ने पांच, कांग्रेस ने एक और एक लोकसभा सीट वंचित बहुजन आघाडी ने जीती। राज्य की 48 लोकसभा सीटों में 288 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। इस 288 सीटों में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 226 और महागठबंधन को 56 सीटों पर बढ़त मिली है, जबकि छह विधानसभा सीटों पर अन्य आगे रहे। मुंबई की बात करें, तो यहां की 36 सीटों में से 31 सीटों पर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन आगे रही, जबकि पांच सीटों पर महागठबंधन व अन्य को बढ़त हासिल हुई है।
बांद्रा पूर्व विधानसभा में कांग्रेस को मिली बढ़त शिवसेना को हजम नहीं हो रही है। चांदिवली से कांग्रेस के विधायक नसीम खान, मालाड पश्चिम से कांग्रेस के विधायक असलम शेख काफी पिछड़ गए हैं, जबकि मुंबा देवी से कांग्रेस के विधायक अमीन पटेल, धारावी से कांग्रेस की विधायक वर्षा गायकवाड को बढ़त मिली है। मानुखर्द से समाजवादी पार्टी के अबू असिम आजमी को बढ़त मिली, जबकि आजमी प्रचार नहीं करने गए थे। भायखला से एमआईएम के विधायक वारिश पठान के मतदान क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार को शिवसेना के उम्मीदवार से करीब 30,000 ज्यादा वोट मिले हैं। एमआईएम की वंचित आघाडी को 5,352 वोट मिले। वारिश पठान का भी सिर दर्ज बढ़ सकता है।
मुंबई के अलावा कोकण की 36 विधानसभा में से बीजेपी-शिवसेना 27, बहुजन विकास आघाडी 8 और महाराष्ट्र स्वाभिमानी पक्ष को एक सीट पर बढ़त मिली है। कांग्रेस-राकांपा महागठबंधन का पूरी तरह से सफाया हो गया है। मराठावाडा की 48 विधानसभा में से बीजेपी-शिवसेना 37, कांग्रेस-राकांपा 6, वंचित बहुजन आघाडी दो और एक विधानसभा अन्य के खाते में जाती हुई दिख रही है। विदर्भ की 60 में से भाजपा-शिवसेना 49 और कांग्रेस-राकांपा को 11 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली है। उत्तर महाराष्ट्र की 36 सीटों में भाजपा-शिवसेना को 31, कांग्रेस-राकांपा को 5 जगह पर बढ़त मिली है। पश्चिम महाराष्ट्र की 72 सीटों में से भाजपा -शिवसेना 48 और कांग्रेस-राकांपा ने 23 सीटों पर बढ़त हासिल की है।
पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा समेत अन्य दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था जिसमें बीजेपी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरकर आई थी। उसने 122 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। उसके बाद शिवसेना थी जिसने 63 सीटें जीती थी। कांग्रेस 42, राकांपा 41, शेकाप और बहुजन विकास आघाडी ने 3-3 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा एमआईएम दो, मनसे, सपा, भारिप बहुजन महासंघ, माकपा, राष्ट्रीय समाज ने क्रमश: एक-एक सीटों पर जीत हासिल की थी। सात निर्दलीय भी विधानसभा के चुनाव जीते थे। लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद जहां बीजेपी-शिवसेना को इसी तरह की तस्वीर आगामी विधानसभा में दिखाई देने की आस है वहीं कांग्रेस-राकांपा को ऐसा नहीं लगता। वंचित आघाडी समन्वयक प्रकाश आंबेडकर कहते हैं कि इस चुनाव में पूरी विधानसभा की तस्वीर बदल जाएगी और वंचित आघाडी कम से कम 55 सीटों पर जीत हासिल करेगी। वहीं लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी शिकस्त के बाद सभी विपक्षी पार्टियों ने एक होने का फैसला किया है। लोकसभा चुनाव में अलग-अलग उम्मीदवार उतारकर चुनाव लड़ चुकीं ये राजनीतिक पार्टियां अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही हैं।
-बिन्दु माथुर