khel

महामुकाबला

क्रिकेट विश्व कप का महामुकाबला लंदन के ओवल मैदान पर मेजबान इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के मैच के साथ हो शुरू हो गया है। 11 मैदानों पर 48 मुकाबलों के बाद विश्व विजेता सामने आएगा। देखना यह होगा कि क्रिकेट की दुनिया को नया विश्व चैंपियन मिलता है या फिर ऑस्ट्रेलिया (पांच), वेस्टइंडीज (दो), भारत (दो), पाकिस्तान (एक), श्रीलंका (एक) की झोली में विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी गिरती है। बात दावेदारों की करें तो क्रिकेट प्रेमियों की जुबां पर मेजबान इंग्लैंड, भारत, ऑस्ट्रेलिया का नाम आ रहा है। विराट की टीम इस विश्व कप में खिताब की प्रबल दावेदार है। वहीं दुनिया भर के क्रिकेट पंडितों ने इस बार इंग्लैंड के विजेता बनने पर सबसे बड़ा दांव लगाया है। मॉर्गन के पास जो रूट जैसे अनुभवी बल्लेबाज हैं तो गेंदबाजी में नई सनसनी जोफरा आर्चर हैं। जिन्होंने आईपीएल में अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया है। इंग्लैंड विश्व कप के फाइनल में तीन बार पहुंची है। बड़ा सवाल यही है क्या इस बार उसका खिताबी सूखा खत्म हो पाएगा?
ऑस्ट्रेलिया के भारत दौरे से पहले तक आरोन फिंच की टीम के बारे में विश्व विजेता बनने पर कोई भी दांव नहीं लगा रहा था, लेकिन भारत को 3-2 से हराने के बाद कंगारुओं ने जबरदस्त वापसी की है। विश्व कप में दोनों अभ्यास मैच जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया अकेली टीम है। प्रतिबंध के बाद स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की टीम में वापसी हो चुकी है। फिर स्मिथ ने इंग्लैंड के खिलाफ शतक जड़कर फार्म भी पा ली है। स्टार्क, सिमंस, बेहरनडार्फ की पेस बैटरी ने इंग्लैंड के खिलाफ 297 का स्कोर बचाया है। फिंच भी खुश हैं कि उनकी टीम फिर पुराने रंग में आ चुकी है। कीवीज भले ही कभी विश्व विजेता नहीं बन पाए हों, लेकिन उनका विश्व कप में रिकार्ड काफी अच्छा है। इस बार भी इस टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। हालांकि अभ्यास मैचों के बाद यही लग रहा है कि केन विलियमसन की टीम ट्रेंट बोल्ट पर काफी निर्भर है। इस खब्बू गेंदबाज ने दो मैचों में आठ विकेट उखाड़े हैं। भारत को हराने के बाद वेस्टइंडीज के हाथों उसे हार मिली है। इन मुकाबलों में स्पिन मिच सेंटनर और ईश सोढी ने निराश किया है, लेकिन ये वापसी करने में सक्षम हैं। नई प्रतिभा टॉम ब्लंडल ने शतक जड़ा है और वह विश्व कप खेलने के लिए तैयार दिखाई दे रहे हैं। वहीं पिछले विश्व कप के सर्वाधिक स्कोरर मार्टिन गुप्टिल को फॉर्म की तलाश है।
1992 में विश्व कप पदार्पण के बाद दक्षिण अफ्रीका चार बार इन महामुकाबलों के सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन आज तक उसे खिताब नसीब नहीं हुआ। जिसके चलते उन पर चोकर्स का ठप्पा लगा हुआ है। अभ्यास मुकाबले में हाशिम अमला ने दो अर्धशतक ठोक फार्म में वापसी कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ कल होने वाले मैच में डेल स्टेन नहीं होंगे अगर वह आगे के मैचों में फिट हुए तो खगीसो रबादा, लुंगी नगीदी, इमरान ताहिर के साथ तो दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण कहर ढाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। टीम की सफलता काफी हद तक कप्तान फाफ डु प्लेसी, जेपी ड्यूमनी, डेविड मिलर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगी।
पाकिस्तान को अभ्यास मुकाबलों में भले ही अफगानिस्तान के हाथों हार मिली हो और बांग्लादेश के खिलाफ मैच धुल गया हो बावजूद इसके सरफराज अहमद की टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। पाक का आक्रमण बेहद खतरनाक है। वहाब रियाज ने इसके संकेत दे दिए हैं। फिर मुहम्मद आमिर भी साथ में हैं। बाबर आजम, फखर जमां, शोएब मलिक, इमाम उल हक बल्लेबाजी में चले तो पाकिस्तान बड़ी टीम साबित होगी।
जेसन होल्डर की ऐसी टीम है जिसमें क्रिस गेल, आंद्रे रसेल, शिरमन हेटमायर, इविन लुइस, शाई होप जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं। इनका दिन हुआ तो ये किसी भी आक्रमण को नेस्तानाबूत कर सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में 421 रनों का पहाड़ सा स्कोर खड़ा कर वेस्टइंडीज ने यह बता दिया है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस टीम को गंभीरता से लेने लग पड़े हैं। फिर होल्डर पिछले कुछ समय से इस टीम की कप्तानी कर रहे हैं उससे साफ लगता है कि बड़े टूर्नामेंट में खेलते वक्त पूरी टीम में आपस में भावनात्मक जुड़ाव रहता है। शाई होप भी कह चुके हैं कि उनकी टीम विश्व कप में पांच सौ का आंकड़ा छूने को बेताब है। श्रीलंका, अफगानिस्तान, बांग्लादेश ऐसे टीमें हैं जिन्हें जीतने का दावेदार तो नहीं माना जा रहा है, लेकिन ये टीमें किसी भी बड़ी टीम का खेल बिगाडऩे का माद्दा जरूर रखती है। अफगानिस्तान को तो खासतौर पर विश्व कप में जॉइंट किलर के रूप में देखा जा रहा है। बांग्लादेश पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है। श्रीलंका के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती है।
-आशीष नेमा