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ये किस काम के सांसद

लोकसभा चुनाव में एक बार फिर राजनीतिक पार्टियों ने लोकप्रिय फिल्म और खेल सितारों पर दांव खेला हैं। कांग्रेस ने जहां उर्मिला मातोंडकर को टिकट दिया है, वहीं भोजपुरी फिल्मों के कई स्टार भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं क्रिकेटर गौतम गंभीर भी बीजेपी से संसद जाने के लिए कतार में है। ये सभी सेलिब्रिटी जनता के बीच विकास के साथ ही उनकी समस्याएं दूर करने के खूब वादे कर रहे हैं। लेकिन पूर्ववर्ती सेलिब्रिटी सदस्यों की संसद में उपस्थिति और कामकाज का आंकलन करें तो यह तथ्य आता है कि ये सांसद जनता से किए वादे पर पूरी तरह विफल रहे।
सेलिब्रिटी सदस्यों ने संसद में कम बहस में भाग लिया है, कम सवाल पूछे हैं, लेकिन 16 वीं लोकसभा में सभी सांसदों के अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास कोष का औसत से बेहतर इस्तेमाल किया है। यह जानकारी ऐसे 19 सांसदों के ट्रैक रिकॉर्ड पर हमारे विश्लेषण में सामने आई है। औसतन, 16 वीं लोकसभा में 80 फीसदी की तुलना में 19 सेलिब्रिटी सांसदों ने 66 फीसदी उपस्थिति दर्ज की है, जैसा कि संसद के आंकड़ों पर इंडियास्पेंड के विश्लेषण से पता चलता है। केवल छह सेलिब्रिटी सांसदों ने 80 फीसदी या उससे अधिक की उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय जनता पार्टी की सांसद और चुनावी फोटोशूट के दौरान खेत की जुताई करने का दिखावा करने वाली स्टार हेमा मालिनी की सदन में 39 फीसदी उपस्थिति है।
संसदीय बहसों में, सेलिब्रिटी सांसदों ने औसतन केवल 22 मुद्दों में भाग लिया है, जबकि केवल एक सांसद के उच्चतर रिपोर्टिंग (107 बहस में भागीदारी) के साथ 16 वीं लोकसभा के लिए बहस में भाग लेने का औसत आंकड़ा 67 है। औसतन, सेलिब्रिटी सांसदों ने 101 प्रश्न पूछे, जबकि सभी सांसदों ने एक साथ औसतन 293 प्रश्न पूछे। भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, जो कि एक फिल्म कलाकार हैं और अब कांग्रेस पार्टी के साथ हैं, ने किसी बहस में हिस्सा नहीं लिया और न ही कोई सवाल पूछा है। इसी समय, सेलिब्रिटी सांसदों ने सांसदों के लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम (एमपीएलएडीएस) फंड का उपयोग 5 अप्रैल, 2019 तक सभी सांसदों के औसत से बेहतर किया – 82.9 फीसदी की तुलना में 87.6 फीसदी। जिला कलेक्टर को उनके निर्वाचन क्षेत्र के तहत प्रत्येक सांसद को जिलों में कार्यों की सिफारिश करने के लिए विकास के लिए उनके कार्यकाल के प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये आवंटित किए जाते हैं। राजनीति में फिल्मी हस्तियां आम हैं और सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करने के कारण चुनाव लडऩे के साथ-साथ चुनाव प्रचार में तेजी लाते हैं।
2019 लोकसभा चुनाव में पहली बार लडऩे वाली में कुछ प्रमुख हस्तियों में अभिनेता सनी देओल, उर्मिला मातोंडकर, प्रकाश राज और गायक हंस राज हंस शामिल हैं। इंडियास्पेंड ने संसदीय कार्यवाही में भागीदारी (जानकारी, प्रश्न, निजी सदस्य बिल, सरकारी बिल, इत्यादि) के आधार पर ऐसी 19 हस्तियों के प्रदर्शन का आंकलन किया है। इन सांसदों का चयन उनके पेशे के आधार पर किया गया था जैसा कि उनके प्रोफाइल में बताया गया है – ‘अभिनेता, कॉमेडियन ‘, फिल्म / थिएटर / टेलीविजन में अभिनेत्री,Ó कलाकारÓ, ‘कलाकार (गायक)Ó , ‘ भोजपुरी गायकÓ, ‘ फिल्म कलाकारÓ और ‘प्रदर्शन करने वाले कलाकार।Ó
16 वीं लोकसभा जून 2014 से फरवरी 2019 तक कुल 331 दिनों के लिए बैठी थी। सभी सांसदों की औसत उपस्थिति 80 फीसदी थी, जैसा कि पीआरएस लेजिस्लेटिव के विश्लेषण से पता चलता है। इसके विपरीत, सेलिब्रिटी सांसदों की औसतन 66 फीसदी उपस्थिति थी। सेलिब्रिटी सांसदों में, अभिनेता जॉर्ज बेकर ने अधिकतम (98 फीसदी) उपस्थिति की सूचना दी है। एक असमिया और बंगाली फिल्म अभिनेता, बेकर, एक नामित सांसद हैं – 23 जुलाई 2015 को एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्य के रूप में भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल से नामित। उन्होंने 10 अगस्त, 2015 को अपना कार्यकाल शुरु किया और 228 दिनों में से 223 दिन उपस्थित रहे। महाराष्ट्र के सोलापुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद शरद कुमार बनसोडे, जो पहले एक मराठी फिल्म अभिनेता थे और अब एक वकील हैं, उन्होंने 93 फीसदी उपस्थिति (331 दिनों की 307) की सूचना दी है। एक बेहतर उपस्थिति रिकॉर्ड के साथ फिल्म कलाकार और भोजपुरी गायक छोटेलाल (88 फीसदी), तेलुगू फिल्म अभिनेता मुरली मोहन मगंती (85 फीसदी) और फिल्म और टेलीविजन अभिनेता किरन खेर (84 फीसदी) थे।
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले पश्चिम बंगाल के घटल निर्वाचन क्षेत्र के एक बंगाली फिल्म अभिनेता दीपक (देव) अधिकारी ने सबसे कम (11 फीसदी) उपस्थिति दर्ज की है। कम उपस्थिति वाली सूची में अन्य सांसदों में बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी (39 फीसदी), बंगाली अभिनेता तापस पॉल (47 फीसदी), बंगाली अभिनेत्री संध्या रॉय (53 फीसदी) और पंजाबी अभिनेता और हास्य अभिनेता भगवंत मान (56 फीसदी) शामिल हैं।
16 वीं लोकसभा में सांसदों ने 15 फीसदी अप्रयुक्त छोड़कर आवंटित विकास निधि का 85 फीसदी उपयोग किया, 12,051.36 करोड़ रुपये की कुल राशि का 1,806.08 करोड़ रुपये, जैसा कि इंडियास्पेंड ने 6 अप्रैल, 2019 की रिपोर्ट में बताया है। 19 सेलिब्रिटी सांसदों के बीच, 5 अप्रैल, 2019 तक संध्या रॉय ने एमपीएलएडीएस फंड के अधिकतम (98.8 फीसदी) उपयोग की सूचना दी, जो औसत से अधिक है। रॉय के बाद, सेलिब्रिटी की सूची में दीपक (देव) अधिकारी (96.7 फीसदी) का स्थान रहा है। इसके बाद, बंगाली सिनेमा की अभिनेत्री शताब्दी (बनर्जी) रॉय (95.6 फीसदी), वरिष्ठ अभिनेत्री, किरन खेर (91.2 फीसदी) और चर्चित अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा (91.1 फीसदी) का स्थान रहा है। बाबुल सुप्रियो ने एमपीएलएडी फंड का 74.1 फीसदी उपयोग की सूचना दी है।
2014 के लोकसभा चुनाव में 20 से 21 एक्टर्स ने चुनाव लड़ा था। लेकिन इनमें से 10 अभिनेता ही संसद पहुंचे। इनमें से 6 भारतीय जनता पार्टी से थे। दो टीएमसी, एक लोक जनशक्ति पार्टी और एक आम आदमी पार्टी से थे। अभिनेता से नेता बने 10 सांसदों में से 8 पहली बार लोकसभा पहुंचे थे। विनोद खन्ना (जो अब इस दुनिया में नहीं हैं) चौथी बार सांसद बने थे। इसके अलावा बीजेपी के शत्रुघ्न सिन्हा दूसरी बार सांसद बने थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी एक्टर भारी अंतर से जीते थे। 10 में से 6 नेताओं के जीत का अंतर एक लाख वोट से भी ज्यादा था। उत्तर प्रदेश के मथुरा से हेमा मालिनी ने सबसे ज्यादा 330,743 वोटों से जीत हासिल की थी। वहीं बीजेपी की टिकट पर चंडीगढ़ से चुनाव लडऩे वाली किरण खेर ने सबसे कम 69642 वोटों से जीत हासिल की थी। नेताओं के वोट शेयर भी ज्यादा थे। परेश रावल को 66.22, शत्रुघ्न सिन्हा को 55.04, हेमा मालिनी को 53.3 और अधिकारी दीपक देव को 50.1 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं मुनमुन सेन को 30 प्रतिशत के आसपास वोट मिले थे।
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार, लोकसभा में सांसदों की औसत उपस्थिति 81 प्रतिशत थी। 10 में से केवल दो अभिनेता-राजनेताओं ने इससे अच्छा प्रदर्शन किया। लोजपा के चिराग पासवान और भाजपा की किरन खेर ने क्रमश: 88 प्रतिशत और 84 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई। घटल सांसद और बंगाली सुपरस्टार देव की उपस्थिति सबसे कम थी। पांच वर्षों में देव की उपस्थिति केवल 11 प्रतिशत थी।
सेलिब्रिटी टीवी और ट्विटर पर कई सवाल पूछते हैं, लेकिन संसद में ऐसा नहीं था। पूर्णकालिक सांसद द्वारा पूछे गए सवालों की राष्ट्रीय औसत संख्या 293 थी। केवल किरन खेर ने ही इससे अधिक सवाल पूछे। चंडीगढ़ के सांसद ने कुल 337 सवाल पूछे। सवाल पूछने के मामले में हेमा मालिनी दूसरे नंबर पर रहीं। उन्होंने 210 सवाल पूछे। शत्रुघ्न सिन्हा, बाबुल सुप्रियो, विनोद खन्ना और मुनमुन सेन ने एक भी सवाल नहीं पूछे। अगर ऐसे ही लोग संसद में पहुंचते रहे तो जनता का क्या भला होगा।
-ऋतेन्द्र माथुर