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बड़ा हिंदू कौन…?

कहावत है नया मुल्ला प्याज ज्यादा खाता है। इन दिनों कुछ ऐसा ही हाल दिग्विजय सिंह का है जो भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। 17वीं लोकसभा के लिए 6 चरणों में चुनाव हो चुके हैं और एक चरण शेष हैं। ऐसे में किसी और के मुकाबले खुद को अधिक हिंदू साबित करने के चक्कर में, दिग्विजय सिंह हर वो जतन कर रहे हैं। जिसका फायदा उन्हें मिले न मिले, मगर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ये सब भोपाल से ही भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लिए जरूर फायदेमंद साबित हो रहा है। सवाल होगा कि कैसे? तो इसका जवाब बहुत आसान है। मालेगांव बम ब्लास्ट को लेकर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर भले ही मुकदमा चल रहा हो और वो कोर्ट की तरफ से बेल पर हों। मगर जब उनके टिकट का अवलोकन किया जाए तो मिलता है कि साध्वी प्रज्ञा को भोपाल लाया ही इसलिए गया है ताकि भाजपा पूरे देश को बता सके कि कैसे एक बड़ी साजिश के तहत साध्वी प्रज्ञा को हिंदू आतंकवाद के आरोप में जबरदस्ती फंसाया गया और कांग्रेस के कारण ही उन पर जेल में तरह-तरह के जुल्म-ओ-सितम हुए।
ध्यान रहे कि जिस दिन से साध्वी प्रज्ञा ने पार्टी की सदस्यता ली और उनके टिकट की घोषणा हुई तब से उन्हें भाजपा द्वारा हिंदू टेरर कैंपेन की पीडि़त के रूप में दर्शाया जा रहा है। खुद साध्वी प्रज्ञा भी अपनी सभाओं में इस बात को एक बड़ा मुद्दा बनाकर लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए प्रयासरत दिख रही हैं। मंच पर साध्वी रो रही हैं, बिलख रही हैं और भोपाल के साथ-साथ देश की जनता को ये बता रही हैं कि कैसे कांग्रेस विशेषकर दिग्विजय सिंह के इशारे पर उनके साथ पशुओं से बदतर व्यवहार हुआ। साथ ही साध्वी प्रज्ञा ने दिग्विजय सिंह के ऊपर हिंदू धर्म को बदनाम करने का आरोप भी लगाया है।
हिंदू टेरर को भोपाल में भाजपा कैसे भुना रही है इसे हम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली से भी समझ सकते हैं। ध्यान रहे कि अमित शाह ने साध्वी प्रज्ञा के समर्थन में भोपाल में अपना रोड शो किया और इस दौरान लोगों ने भी अमित शाह के ऊपर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। इस रोड शो की सफलता से गदगद अमित शाह ने ट्विटर पर लोगों को धन्यवाद देते हुए लिखा है कि, भोपाल के रोड शो में दिखा यह अपार जनसमर्थन हिंदुओं को आतंकवादी बोलने वालों को जनता का जवाब है। साथ ही उन्होंने ये भी लिखा है कि भोपाल और पूरे देश की जनता फर्जी भगवा आतंकवाद की कहानी गढ़कर पूरी दुनिया में हिंदू धर्म को बदनाम करने वालों को सबक सिखाने वाली है। आपको बताते चलें कि भोपाल में कांग्रेस की तरफ से भी रोड शो हुआ और उस रोड शो में भी जनता को लुभाने के लिए कांग्रेस ने भगवा रंग का सहारा लिया। मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह ने दिग्विजय सिंह के रोड शो में भगवा रंग के झंडे होने पर करारा प्रहार किया है। राकेश सिंह ने ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर तंज किया है और कहा है कि – कल तक जो कांग्रेस भगवा आतंकवाद का डर दिखा रही थी और उसे देश के लिए खतरा बता रही थी अब उसके नेता ही भगवाधारियों की शरण में पहुंच गए हैं। इसके अलावा राकेश सिंह ने ये भी कहा है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस बौखलाहट में है। कांग्रेस को ये बात समझ आ रही है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुन: एनडीए की सरकार बनने जा रही है।
हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को जो कहना हो कहे मगर भोपाल में जैसा रुख दिग्विजय सिंह का है साफ पता चलता है कि वो उस जाल में फंस गए जो साध्वी प्रज्ञा के रूप में भाजपा ने बिछाया था। चुनाव जीतने के लिए दिग्विजय सिंह आज हर वो काम कर रहे हैं जिसमें भाजपा उनकी अपेक्षा कहीं ज्यादा पारंगत है। गौरतलब है कि, दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार की शुरुआत ही भोपाल के मंदिर-मंदिर घूमकर की है। हिंदुत्व को लेकर नकारात्मक बातें करने वाले। तिलक और टीके से दूर रहने वाले दिग्विजय इन दिनों इन सभी चीजों के करीब हैं। वो कंप्यूटर बाबा के साथ हैं और प्रज्ञा भोपाल का किला न फतेह कर पाएं इसके लिए हठ योग करा चुके हैं। दिग्विजय के इस अवतार का यदि अवलोकन किया जाए तो मिलता है कि चूंकि वो दो बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं तो बात कहीं न कहीं उनकी साख से जुड़ी है। अत: साध्वी प्रज्ञा से उनकी लड़ाई साख की तो है ही साथ ही सत्ता में बने रहने की भी लड़ाई है।
-राजेश बोरकर