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डिप्लोमैटिक जीत

मसूद अजहर का आतंकी घोषित हो जाना भारत के लिए सबसे अहम है, क्योंकि वह भारत को ही सबसे अधिक नुकसान पहुंचाता था। जम्मू-कश्मीर हमेशा से ही उसका टारगेट रहा। मसूद का सिर्फ एक मकसद था कि किसी भी तरह जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाया जा सके। यही वजह है कि वह पाकिस्तान का चहेता बना हुआ था। भारत ने पूरी दुनिया को तो ये यकीन दिला दिया था कि मसूद एक आतंकी है, लेकिन पाकिस्तान का जिगरी दोस्त चीन बार-बार रास्ते का रोड़ा बन रहा था। आखिरकार अब चीन ने भी नरमी दिखाई है और मसूद अजहर आतंकी घोषित कर दिया गया है।
1994 में जब मसूद कश्मीर आया था तो भारत ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद हरकतुल मुजाहिद्दीन ने उसे छुड़ाने के लिए 24 दिसंबर 1999 को एक भारतीय विमान को हाईजैक कर लिया। आतंकियों ने 150 यात्रियों की सलामती के बदले आतंकी मसूद अजहर को छोडऩे की शर्त रखी और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को मसूद को छोडऩा पड़ा। पाकिस्तान पहुंचते ही 2000 में मसूद ने जैश-ए-मोहम्मद जिहादी संगठन बनाया और 2001 में संसद पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद ही अमेरिका ने जैश को आतंकी संगठन की लिस्ट में डाल दिया।
पाकिस्तानी सेना ने मसूद को भारत की संसद पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया, लेकिन साल भर में ही छोड़ दिया। इसी मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकी हमला किया, जिसमें 37 जवान शहीद हो गए। अब 25 सालों के बाद दोबारा मसूद पर शिकंजा कसा है। यूं तो 1999 में मसूद अजहर को आतंकियों द्वारा छुड़ाए जाने के बाद से ही उसे आतंकी घोषित कराने की कोशिशें शुरू हो गई थीं, लेकिन अब जाकर भारत को इसमें कामयाबी मिल सकी है। ये जीत राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से तो बहुत बड़ी है ही, साथ ही यह भारत की डिप्लोमैटिक जीत भी है।
मसूद अजहर के वैश्विक आतंकी घोषित होने से वैसे तो पूरा देश खुश है। हर राजनीतिक पार्टी को इस बात की खुशी है, लेकिन भाजपा के लिए ये खबर उनकी खुशियों में चार चांद लगाने जैसी है। लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और इसमें भाजपा मसूद अजहर के मामले को अच्छे से भुना सकता है। वैसे भी पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर चौतफा दबाव बनाकर उसे घुटने टेकने पर मजूबर तो कर ही दिया है। अब मसूद अजहर का आतंकी घोषित होना भाजपा को राजनीतिक तौर पर भी फायदा दिलाएगा। एक टीवी डिबेट में भाजपा के प्रवक्ता ने कह भी दिया- मोदी है तो सब मुमकिन है। अगर देखा जाए तो आतंकी मसूद अजहर अब पाकिस्तान के लिए भी एक बोझ बन चुका था। पूरी दुनिया पाकिस्तान से दूरी बनाने लगी थी। इसलिए चीन को मजबूर होना पड़ा।
– संजय शुक्ला