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राज का हमला

‘एलावा रे तो वीडियोÓ मराठी की इस लाइन का मतलब है- लगाओ रे वीडियो। ये लाइन पिछले दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें बोलने वाले हैं मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के संस्थापक राज ठाकरे। राज ठाकरे 2019 लोकसभा चुनाव तो नहीं लड़ रहे हैं। लेकिन वो लगातार रैलियां कर रहे हैं। इनमें वो पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर आक्रामक तरीके से हमला बोल रहे हैं। ये रैलियां परंपरागत रैलियों की तरह नहीं है। बाकायदा इनमें पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी गूगल ने टिक-टॉक को भी बैन किया है। इस पर ट्विटर पर लोगों ने लिखा है कि असली टिक-टॉक तो महाराष्ट्र में चल रहा है।
प्रेजेंटेशन में नरेंद्र मोदी के 2014 से पहले के भाषणों और न्यूज पेपर्स की कटिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। कमाल की बात ये है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के उम्मीदवारों में बहसबाजी भी चल रही है कि किसकी रैली में राज ठाकरे को बुलाया जाए। पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों पर एलईडी लगाने की प्लानिंग भी चल रही है। कांग्रेस के एक कैंडिडेट तो राज ठाकरे के वीडियो ग्रामीण इलाके में चलाने के लिए वीडियो वैन हायर करने की सोच रहे हैं। ये कैंपेन करने का नया तरीका है जो संभवत: पहली बार है जब कोई नेता प्रेजेंटेशन दिखाकर रैली कर रहा हो। गुड़ी पड़वा के अवसर पर हुई रैली के बाद राज ठाकरे के भाषणों की डिमांड बढ़ गई है।
राज ठाकरे के भाषणों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए इसे इंग्लिश सबटाइटल्स के साथ यूट्यूब पर अपलोड किया जा रहा है। इन भाषणों और पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन की वजह भाजपा को इलेक्शन कमीशन के पास शिकायत करने जाना पड़ गया। हालांकि जांच में पाया गया कि राज ठाकरे ने किसी पार्टी के पक्ष में कैंपेन नहीं किया है। वहीं, ज्यादातर पार्टियां भाजपा के खिलाफ शिकायत दर्ज करा रही हैं।
राज ठाकरे का कहना है कि वो नरेंद्र मोदी और अमित शाह को बिना चुनाव लड़े ही चुनौती देंगे। अगर इससे बाकी पार्टियों का फायदा होता है, तो हो। न ही वो कांग्रेस में मिल रहे हैं और न ही एनसीपी में। उन्होंने कहा, ‘मोदी कहते हैं कि 8.5 लाख टॉयलेट्स एक हफ्ते में बनाये गये। मतलब कि 5 सेकेंड में 7 टॉयलेट? इतनी देर में तो होता भी नहीं है।Ó
हर एक भाषण में मोदी सरकार की योजनाओं की पोल खोली जा रही है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर ये लिख रहे हैं कि ये भाषण ऐसे ही चलते रहे तो महाराष्ट्र में भाजपा के 20 प्रतिशत वोट कट जाएंगे। हालांकि इस बात का कोई आधार नहीं है। क्योंकि उनकी खुद की पार्टी के अस्तित्व को बचाने के लिए रणनीतियां बनाई जा रही हैं। वहीं, ठाकरे के समर्थक हर उस व्यक्ति को सोशल मीडिया पर घेर रहे हैं जो भी ठाकरे की आलोचना कर रहा है। एक खबर के मुताबिक तो मुंबई में राज ठाकरे को एंटी नेशनल बोलने के लिए मनसे के कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति की पिटाई की। सभी पार्टियां सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर वोट पोलराइज करने में जुटी हैं। मनसे भी इसमें पीछे नहीं रहे हंै।
6 अप्रैल को मुंबई के शिवाजी पार्क में राज ठाकरे का भाषण सोशल मीडिया पर सेंसेशन बन गया है। महाराष्ट्र का क्षेत्रीय मीडिया लिख रहा है कि कांग्रेस और एनसीपी के उम्मीदवार राज ठाकरे को अपने चुनावी क्षेत्र में लेकर जाना चाहते हैं और चुनावी रैलियों को संबोधित कराना चाहते हैं। अपने भाषण में राज ठाकरे ने सीधा हमला करते हुए कहा, ‘मैंने चार साल पहले ही चेतावनी दी थी कि मोदी युद्ध जैसी स्थिति पैदा करके चुनाव जीतने की कोशिश करेंगे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी खतरनाक है। पुलवामा तक आरडीएक्स पहुंचा कैसे? बालाकोट पर एयर स्ट्राइक क्या जरूरी थी?Ó
19 मार्च को बांद्रा के रंगशारदा हॉल में पार्टी वर्कर्स को संबोधित करते हुए कहा, ‘अब मेरा एकमात्र लक्ष्य है भाजपा की हार सुनिश्चित करना। ‘राज ठाकरे के इस आक्रामक रवैये को इस तरह भी देखा जा रहा है कि अपनी
पार्टी पुनर्जीवित करने के लिए वह भाजपा को घेर रहे हैं।
-बिन्दु माथुर