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एक कॉल ने बदल दी जिंदगी

आस्ट्रेलिया के विरुद्ध टी-20 और एकदिवसीय सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टी-20 में एक नए चेहरे मयंक मार्कंडेय को जगह दी गई है। 21 वर्षीय मयंक को भारत-ए की तरफ से खेलते हुए इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ 5 विकेट लेने के तुरंत बाद ही अपने प्रदर्शन का ईनाम मिल गया। वे आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस से भी खेल चुके हैं।
कम लोगों को ही इस बात का पता होगा कि अपनी लेग स्पिन में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को उलझाने वाला यह फिरकी गेंदबाज पंजाब अंडर-14 में खेलने के दौरान तेज गेंदबाजी किया करता था। अगर उनके कोच ने उन्हें सही सलाह न दी होती तो, वो आज भी तेज गेंदबाजी ही कर रहे होते। हो सकता है कि तब वे इतना कामयाब नहीं होते। यह कहना खुद मयंक मार्कंडेय का है। उन्होंने मीडिया को बताया है कि ‘बाली सर (मुनीष बाली) ने मुझसे कहा कि तेज गेंदबाज बनने का सपना छोड़ दे। मेरी फिजिक भी बहुत अच्छी नहीं थी। उनकी यही सलाह मेरे लिए वरदान साबित हुई।Ó
मयंक ने बताया है कि एक कॉल ने उनकी जिंदगी बदल दी। कुछ ही पलों में उनके मोबाइल पर 300 मेसेज आ गए और 42 मिस्डकॉल भी। इस बारे में उन्होंने कहा कि- मत पूछो। मैं उस समय होटल में था और मेरा फोन बजने लगा। मुझे ऐसी कॉल की आशा नहीं थी। मैं अब भी चकित हूं। कुछ समय लगेगा सबकुछ ठीक होने में, किन्तु मैं इस पल को जिंदगीभर नहीं भूलूंगा।
भारत का दौरा करने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लेग स्पिनर मयंक मार्कंडेय टी20 क्रिकेट में कदम रखेंगे। पिछले साल ही मुंबई इंडियंस की ओर से आईपीएल में डेब्यू करने वाले 21 साल के मयंक को इतनी जल्दी देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल जाएगा, ये कभी नहीं सोचा था। मार्कंडेय ने आईपीएल 14 मैचों में 24.53 की औसत से 15 विकेट लिया। फिर इसके बाद उन्होंने फस्ट क्लास क्रिकेट में पंजाब की ओर से डेब्यू किया और डेब्यू सीजन में भी छह मैचों में 29 विकेट ले डाले।
इस कमाल के प्रदर्शन के दम पर ही वह इतनी जल्दी मुंबई इंडियंस से टीम इंडिया तक का सफर तय कर पर पाए। मार्कंडेय ने भारतीय टीम में चुने जाने के बाद कहा कि यह सपना था, जो सच हो गया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मुझे इतनी जल्दी मिल जाएगा। मार्कंडेय ने हाल ही में भारत ए की ओर से खेलते हुए इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दूसरी पारी में पांच विकेट लिए थे।
मार्कंडेय के लिए उनके करियर का सबसे यादगार पल भारत के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी को अपनी गेंद पर पवेलियल भेजना है। मुंबई इंडियंस की ओर से डेब्यू में मार्कंडेय के स्पिन के खिलाफ बेहतर बल्लेबाजों में से धोनी को अपने जाल में फंसा लिया था।
मार्कंडेय ने मुंबई इंडियंस के लिए अपने डेब्यू को याद करते हुए कहा कि टीम मैनेजमेंट को इसका श्रेय देते हुए कहा रोहित भईया (रोहित शर्मा) ने मुझे कहा था कि मैं गेंदबाजी अच्छी करता हूं और मुझे खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। राहुल सांघवी सर ने नेट्स पर काफी मदद की। यहां तक कि रोहित भईयां ने कहा था कि बिना किसी झिझक और शर्म के मैं उनसे कभी भी कुछ भी पूछ सकता हूं। इस युवा गेंदबाज ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य लेग स्पिनर पर अपने नियंत्रण में सुधार करने पर है, क्योंकि गुगली ही एक ऐजी चीज है जो नेचुरली उनके पास आती है। यहां तक की आईपीएल के बाद मैंने मेरे लेग स्पिनर को बेहतर करने पर ही काम किया। किसी भी लेग स्पिनर के लिए यह सबसे अहम डिलीवरी होती है। यदि मैं इस पर नियंत्रण बना लेता हूं तो किसी भी बल्लेबाज को मेरी गेंद को हिट करने में परेशानी होगी।
गुगली एक ऐसी चीज है, जो मेरे पास स्वभाविक आती है।
मार्कंडेयर अपने हीरो विराट कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि हकीकत में मैंने ऐसा नहीं सोचा था, लेकिन भारतीय कप्तान से सीखने को काफी कुछ मिलेगा। मैं अनुभवी खिलाडिय़ों से ज्यादा से ज्यादा सीखने की कोशिश करुंगा, लेकिन विराट भईया,
धोनी भईया और रोहित भईया के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना एक सपना था, जो सच होने जा रहा है।
-आशीष नेमा