mudda0

मालामाल माननीय

अगर आप एक सामान्य कर्मचारी हैं और आप 10 प्रतिशत या 15 प्रतिशत की दर से सैलरी बढऩे से परेशान हैं तो आप विधायक या सांसद बनने का सपना देख सकते हैं। देश के अलग-अलग राज्यों में निर्वाचित प्रतिनिधियों ने अपनी

mp congress

विरोध तय करेगा टिकट

कांग्रेस में विधायक का टिकट अब पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विधायकों की सरकार विरोधी गतिविधियों से तय किया जाएगा।  इसके लिए राजधानी भोपाल में दो दिनों तक मंथन किया गया। प्रशिक्षण के नाम पर आयोजित कार्यक्रम

bjp

टेस्ट से चकराए ‘पदाधिकारीÓ

मप्र में पिछले एक दशक से देखा जा रहा है कि जब भी भाजपा चुनावी तैयारी से दूर होती है मंत्रियों और विधायकों का टेस्ट होने लगता है। आलम यह है कि बार-बार परफारमेंस के नाम पर हो रहे सर्वे से मंत्री, विधायक और पदाधिकारी

mahila jagat

गृहिणियों का श्रम भी मान का हकदार

हाल ही में सोशल मीडिया में एक पति का लिखा वो पत्र लोगों को भावुक कर गया, जिसमें उसने अपनी पत्नी को समर्पण के लिए शुक्रिया कहा और कृतज्ञता जताई। पति ने लिखा कि एक गृहिणी होने के नाते मुझे लगता था कि मेरी पत्नी घर

maharatra0

संवेदना का सूखा

इसे नियति कहें या विड़बना समझ में नहीं आ रहा है। क्योंकि सितंबर में ही देश में सूखे की चेतावनी दिए जाने के बाद भी न तो केंद्र और न ही राज्य सरकारों ने इस ओर गंभीरता से ध्यान दिया। इसका परिणाम यह हुआ है कि देश के दस

khel

क्या बदलेगी वेस्टइंडीज क्रिकेट की किस्मत?

हमारे पास जर्सी तक नहीं थी, लोग सोच रहे थे कि हम ये टूर्नामेंट खेलेंगे भी नहीं, ये बयान अगर तुरंत ही वल्र्ड चैंपियन बनी टीम के कप्तान का हो तो उस टीम की मुश्किलों का अंदाजा अपने आप लग जाता है। लेकिन जैसा कि वल्र्ड टी20

jangalnama

मौत में अटक गया टाइगर स्टेट का दर्जा

मध्य प्रदेश के लगभग 94 हजार वर्ग किमी जंगल के दायरे में 10 नेशनल पार्क और 25 अभ्यारण हैं जो यहां की वन संपदा की संपन्नता को दर्शाते हैं। प्रदेश के नेशनल पार्क और अभयारण्य वन्य प्राणियों के लिए स्वर्ग हैं। लेकिन पिछले कुछ

film11

पर्दे पर धोनी की वो कहानी जो आप नहीं जानते हैं!

महेंद्र सिंह धोनी टिकट कलेक्टर साउथ ईस्टर्न रेलवे रिपोर्टिंग फॉर ड्यूटी सर, चौंकिए नहीं, आपके फेवरिट धोनी क्रिकेट को छोड़कर टिकट कलेक्टर नहीं बन गए हैं। ये लाइनें तो धोनी पर बन रही बायोपिक ‘एम एस धोनी- द अनटोल्ड

dilli darbar

क्या दिल्ली की कुर्सी छोड़ेंगे केजरी?

दिल्ली की राष्ट्रीय राजनीति पर अपनी छाप छोडऩे के बाद अब आम आदमी पार्टी पंजाब का रुख कर रही है। राज्य में विधानसभा चुनाव 2017 में होने हैं, जिसमें अब एक साल से भी कम समय बचा है। राज्य में अभी से दिल्ली के मुख्यमंत्री

crime

अपनों को बचाने पुलिसगिरी

सात साल पहले एक एनकाउंटर में  निगरानीशुदा तस्कर बंशी गुर्जर की जगह एक आम आदमी को मारने के मामले में मंदसौर के तत्कालीन एसपी और वर्तमान में पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा के आईजी वेदप्रकाश शर्मा और उनके

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अविश्वास के साएं में मप्र की नौकरशाही

29नवम्बर 2005 को शिवराज सिंह चौहान ने जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो संभावना जताई गई थी की अब प्रदेश में शासन और प्रशासन की चाल, चेहरा और चरित्र बदलेगा।  लेकिन आज एक दशक से अधिक का

cg 00

भ्रष्ट्राचारी भाग्यशाली!

छत्तीसगढ़ को देश का सबसे गरीब राज्य माना जाता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के हर भ्रष्ट सरकारी अधिकारी-कर्मचारी के पास तीन करोड़ रुपयों की संपदा है। पिछले पांच साल में एंटी करप्शन ब्यूरों द्वारा मारे छापे से इसका खुलासा हुआ है।

bundelkhand

पैकेज ने अकाल को और भयावह बना दिया

हजारों करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी बुंदेलखंड को अकाल से राहत न मिलना बताता है अब यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं है। बल्कि भ्रष्टाचार के आगोश से निकली भयावह तस्वीर है। दरअसल, बंदेलखंड को जनप्रतिनिधियों और अफसरों

bihar

‘देवताÓ नाराज तो नीतीश का बंटाढार

बिहार के कई गांवों में परंपरा रही है कि देवताओं पर प्रसाद के रूप में दारू चढ़ाई जाती है। सदियों से डाकबाबा, गोरैयाबाबा, डीहवाल और मसानबाबा पर देसी दारू चढ़ाने की परंपरा है। लेकिन बिहार में पहली अप्रैल से देसी-विदेशी शराब पर

balaghat

मजदूरी के लिए मजदूरों ने थामा नक्सलियों का हाथ

लगभग एक साल तक शांत रहे बालाघाट में 7 अप्रैल को पुलिस और नक्सलियों बीच हुई मुठभेड़ में गूंजी गोलियों की आवाज से जिले के कई गांवों में दहशत का माहौल है। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जिले के नक्सल प्रभावित गांवों पथरी,

adhyatm

बहुरि बंद खल गन सत भाएं। जे बिनु काज दाहिनेहु बाएं।।

क्या आप तुलसीदास के रामचरितमानस के लंकाकाण्ड की चौपाई- ‘प्रभु ताते उर हतईं न तेही। एहि के ह्रदय बसत वैदेही।Ó से रूबरू हैं? यह राक्षसी त्रिजटा है, जो सीता से कहती है कि ‘राम, रावण के ह्रदय में, बाण इसलिये नहीं मार रहे