न प्रेस्टीट्यूट है न पॉजिटिव है

भारत के विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने मीडिया के एक वर्ग को प्रेस्टीट्यूट की संज्ञा दी है। कुछ बुद्धिजीवियों

अभिव्यक्ति के उन्मुक्त पैरोकार

फ्रांस में एक व्यंग्य कार्टून पत्रिका के दफ्तर पर हमला करके 12 लोगों को मारने के बाद भी हत्यारों का

खजाना खाली तो कैसा रिपोर्ट कार्ड

मध्यप्रदेश में एक घिसा-पिटा रिवाज चालू हो गया है कि मंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करते हैं और बताते हैं

मतदान की अनिवार्यता बनाम स्वप्रेरणा

देश के दो हिस्सों से दो सुखद खबरें आईं। जम्मू-कश्मीर में आतंक की दीवार को तोड़कर जनमानस ने भारतीय लोकतंत्र

सीबीआई का अभिशाप

पिछले दिनों एक पत्रकार वार्ता में मुलायम सिंह का दर्द चेहरे पर दिखाई दे रहा था। वे कह रहे थे कि कांग्रेस चालाक है लेकिन इसके बाद भी वे यूपीए से समर्थन वापस नहीं लेंगे। दुनिया जानती है कि मुलायम के कंधों पर ही अब केंद्र सरकार टिकी हुई है। इसीलिए मुलायम के रुख को लेकर सरगर्मियां सदैव तीव्र हो जाया करती हैं। पर लोहिया के भक्त और लोहिया वादी राजनीति के अग्रज मुलायम

सहमति पर राजनीति

केंद्र सरकार एक ‘सहमी हुई सहमतिÓ को अमली जामा पहनाने के लिए कानून बनाने की हठ कर बैठी है। दिल्ली सहित देश के अन्य भागों से मिल रहे जघन्य, वीभत्स और दानवीय बलात्कार प्रकरणों

सेंसरशिप का दायरा बढ़ाया जाए

केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड ने सरकार से बालीवुड के आयटम सांग टीवी पर नहीं दिखाने की अनुशंसा की है। जिसे सरकार ने मान भी लिया है और आने वाले दिनों में इस तरह के गानों को सिर्फ वयस्कों के लिए घोषित करके संभवत: टीवी पर प्रतिबंधित भी कर दिया जाएगा। सेंसर बोर्ड ने सरकार से कहा है कि ऐसे गानों के लिए ए सर्टीफिकेट जारी किया जाए। सेंसर बोर्ड का यह कदम बहुत देर से उठाया

पहले त्वरित न्याय तो मिले

दिल्ली में वीभत्स बलात्कार प्रकरण के बाद सरकार द्वारा गठित जस्टिस वर्मा समिति ने तयशुदा समय में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में ऐसे बहुत से बिंदु हैं जिन पर लगातार चर्चा की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट निश्चित रूप से मौजूदा कानूनों को और सख्त बनाने के लिए तथा अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रस्तुत की गई है। इसमें शासन के चारों तंत्र को दुरुस्त करने का सुझाव भी है, लेकिन हमारी समस्या कानूनों की नहीं है। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है और यहां जितने भी कानून हैं वे दुनिया के सबसे उपयुक्त कानून कहे जा सकते हैं।