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ब्रांड एंबेसडर का कॉन्ट्रेक्ट खलास

देश में कथित असहिष्णुता को लेकर टिप्पणी के कारण विवाद में आए बालीवुड अभिनेता आमिर खान अब सरकार के अतुल्य भारत अभियान में नजर नहीं आएंगे। आमिर का अनुबंध समाप्त हो चुका है। सरकार के इस कदम से यह चर्चा होने

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सियासत का अखाड़ा बनी दादरी

सरताज का कहना है कि देश में सारे लोग बुरे नहीं हैं। अपने पिता की मौत के बाद देशभर में उपजी तनाव की स्थिति को वह खत्म करना चाहता है। सरताज ने देशवासियों से अपील की है कि शांति

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दोष केवल हिंदुओं का नहीं है

विश्व हिंदू परिषद का घर वापसी अभियान राजनीति से प्रेरित लगता है। भाजपा और उसको परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से

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सफाई अभियान काबिलेतारीफ है

  सफाई अभियान काबिलेतारीफ है, किंतु इसकी सार्थकता बड़ा सवाल है। क्या जिन नेताओं को जनता अपने क्षेत्र की व्यवस्था

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नियोक्ताओं को फायदा?

मध्यप्रदेश सरकार ने जिन 20 श्रम कानूनों को बदलने की घोषणा की है, उनमें से 17 तो केंद्र के हैं और 3 मध्यप्रदेश के हैं। प्रश्र यह है, कि क्या इन कानूनों में बदलाव से उद्योगों की दशा सुधरेगी या

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प्रियंका मुकाबले में क्यों नहीं?

हर चुनाव से पहले वंशीय राजनीति की पताका पहराने वाली कांगे्रस के भीतर से कुछ आवाजें उठती हैं। गांधी परिवार की अगली पीढ़ी के लिए। राहुल गांधी को तो हाथ-पैर जोड़कर राजनीति में आने के लिए मना ही लिया गया था। अब

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पीछे हटा, लेकिन लौटा नहीं ड्रेगन

चीनी सेना ने भले ही अपने कदम पीछे खींच लिए हों लेकिन भारतीय सीमा पर खतरा कम नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक सफलता 20 दिन के गतिरोध के बाद अंतत: हासिल तो हुई पर

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इटली झुका या भारत

भारत के दो मझुआरों की हत्या करने वाले इतालवी नौ सैनिक नाटकीय घटनाक्रम के बाद भारत लौट आए हैं। हालांकि उनको भारत लाने के लिए जो शर्ते भारत ने मानी उससे यह साफ लगता है कि

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एनसीटीसी पर विवाद फिर बढ़ा

हाल ही में केंद्रीय रक्षा मंत्री सुशील शिंदे ने जब यह कहा कि राष्ट्रीय आतंक विरोधी केंद्र यानी एनसीटीसी की स्थापना को लेकर ममता बनर्जी ने हामी

पहले चुनाव तो जीतें

सुषमा स्वराज या नरेंद्र मोदी की ताजपोशी का प्रश्न नहीं है। प्रश्न है चुनाव जीतना। वर्तमान परिदृश्य में देखें तो भारतीय जनता पार्टी एक प्रभावी राजनीतिक विकल्प के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित

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कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक में तकरार

उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कर्नाटक ने तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोडऩा भले ही शुरू कर दिया है। किन्तु इस पर राजनीति जारी है। विपक्ष ने भी सरकार के इस कदम